बीसीआई अध्यक्ष मनन मिश्रा ने सदाशिव रेड्डी के आरोपों को खारिज किया
बीसीआई अध्यक्ष मनन मिश्रा ने सदाशिव रेड्डी के आरोपों को खारिज किया
नयी दिल्ली, 22 अगस्त (भाषा) भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने शनिवार को वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बार निकाय के सह-अध्यक्ष वाई. आर. सदाशिव रेड्डी द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया। मिश्रा ने कहा कि वकीलों के बीच इन आरोपों की ‘‘कोई अहमियत नहीं’’ है और जोर दिया कि वह ‘‘ईमानदारी एवं सत्यनिष्ठा’’ वाले व्यक्ति हैं।
रेड्डी ने 22 अगस्त को लिखे पत्र में मिश्रा से 15 दिन के भीतर इस्तीफा देने की मांग की और बीसीआई की विशेष बैठक आयोजित करने के साथ-साथ उसके खातों तथा बीसीआई ट्रस्ट ‘पर्ल-फर्स्ट’ के स्वतंत्र ऑडिट की मांग की। पत्र में रेड्डी को बार निकाय के सह-अध्यक्ष के रूप में उल्लेखित किया गया है।
रेड्डी ने आरोप लगाया कि मिश्रा के नेतृत्व में यह वैधानिक निकाय उससे अपेक्षित मानकों से भटक गया है।
हालांकि, ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ विशेष साक्षात्कार में मिश्रा ने दावा किया कि रेड्डी अब बीसीआई के सदस्य नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने अपने गृह राज्य कर्नाटक में हुए पिछले विधिज्ञ परिषद चुनाव में हिस्सा नहीं लिया था।
मिश्रा ने कहा कि रेड्डी आठ साल तक बीसीआई के सदस्य रहे, लेकिन उस दौरान उन्होंने ऐसी कोई शिकायत नहीं उठाई।
मिश्रा ने रेड्डी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘वकील मुझे जानते हैं और उन्हें पता है कि मैं एक ईमानदार व्यक्ति हूं। मनन मिश्रा ईमानदारी और सत्यनिष्ठा वाला व्यक्ति है। वाई. आर. सदाशिव रेड्डी यहां सदस्य थे। आज की तारीख में वह राज्य विधिज्ञ परिषद के सदस्य नहीं हैं। उनमें राज्य विधिज्ञ परिषद का चुनाव लड़ने का साहस नहीं था।’’
बीसीआई अध्यक्ष ने कहा, ‘‘अगर उन्हें ऐसी कोई शिकायत थी, तो उसी समय इसे उठाना चाहिए था। बीसीआई के सदस्य के रूप में अपने आठ साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने कभी अपनी आवाज नहीं उठाई।’’
अपने पत्र में रेड्डी ने भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत से जुड़े एक अभियान को लेकर नालसार विश्वविद्यालय के कानून के 2026 बैच के स्नातक छात्रों का नामांकन रोकने की धमकी देने वाले बीसीआई के अब वापस लिए जा चुके निर्देश को लेकर भी मिश्रा की आलोचना की।
हालांकि, मिश्रा ने कहा कि उन्हें देश के कानूनी बिरादरी का समर्थन प्राप्त है।
उन्होंने कहा, ‘‘जब तक देश की कानूनी बिरादरी और 25 लाख वकीलों का समर्थन मेरे साथ है, तब तक सदाशिव रेड्डी जैसे लोग आते-जाते रहेंगे और सोशल मीडिया पर इस तरह के बयान देते रहेंगे।’’
रेड्डी द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर मिश्रा शनिवार दोपहर संवाददाता सम्मेलन करने वाले थे। अब यह संवाददाता सम्मेलन सोमवार को आयोजित किया जाएगा।
मिश्रा के इस्तीफे की मांग ने उस समय जोर पकड़ा, जब बीसीआई ने अब वापस लिए जा चुके अपने आदेश में नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के 2026 बैच के स्नातक छात्रों का अधिवक्ता के रूप में नामांकन रोकने का निर्देश दिया था।
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रवक्ता सौरव दास ने भी सार्वजनिक रूप से कहा था कि ‘‘नैतिक जिम्मेदारी’’ लेते हुए बीसीआई अध्यक्ष को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इससे पहले कॉजपा ने मनन मिश्रा के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन’ के प्रदर्शन के आह्वान का समर्थन किया था।
भाषा आशीष दिलीप
दिलीप

Facebook


