राजस्थान: शैक्षिक महासंघ ने विद्यालयों में बाहरी दखल और शिक्षकों के राजनीतिक इस्तेमाल का विरोध जताया

राजस्थान: शैक्षिक महासंघ ने विद्यालयों में बाहरी दखल और शिक्षकों के राजनीतिक इस्तेमाल का विरोध जताया

राजस्थान: शैक्षिक महासंघ ने विद्यालयों में बाहरी दखल और शिक्षकों के राजनीतिक इस्तेमाल का विरोध जताया
Modified Date: August 22, 2026 / 08:47 pm IST
Published Date: August 22, 2026 8:47 pm IST

जयपुर, 22 अगस्त (भाषा) अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने राजस्थान के राजकीय विद्यालयों में कथित राजनीतिक हस्तक्षेप का विरोध करते हुए शनिवार को कहा कि शिक्षा के मंदिरों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने दिया जाएगा।

महासंघ के प्रदेश संगठन मंत्री उमराव लाल वर्मा ने जयपुर जिले के एक सरकारी स्कूल में शुक्रवार को हुई घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीणों ने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के कार्यकर्ताओं और कुछ बाहरी लोगों द्वारा स्कूल का जायजा लेने के प्रयास का विरोध किया था।

वर्मा ने कहा, ‘‘हिंसा या मारपीट का किसी भी परिस्थिति में समर्थन नहीं किया जा सकता लेकिन यह सवाल भी गंभीर है कि राजनीतिक विवादों को राजकीय विद्यालयों तक ले जाने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।’’

उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति या संगठन को किसी सरकारी विद्यालय की व्यवस्था, सुविधाओं या शैक्षणिक स्थिति को लेकर कोई आपत्ति है तो उसके लिए शिक्षा विभाग और प्रशासन के निर्धारित माध्यम उपलब्ध हैं।

वर्मा ने कहा कि विद्यालय परिसर में तय प्रक्रिया के बिना प्रवेश कर राजनीतिक विवाद खड़ा करना किसी भी रूप में उचित नहीं है।

महासंघ के अतिरिक्त महामंत्री बसंत जिंदल ने कहा, ‘‘राजनीति करना किसी का लोकतांत्रिक अधिकार हो सकता है लेकिन राजकीय विद्यालयों को राजनीतिक संघर्ष का मंच बनाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि सरकार और शिक्षा विभाग विद्यालयों में संसाधनों, शिक्षण व्यवस्था, अनुशासन एवं प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

महासंघ ने कहा कि शिक्षकों को राजनीतिक दबाव या राजनीतिक गतिविधियों का हिस्सा बनाने का प्रयास शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है।

महासंघ के मुताबिक, शिक्षक विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के लिए हैं, न कि किसी राजनीतिक दल के एजेंडे के लिए।

भाषा पृथ्वी जितेंद्र

जितेंद्र


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