बीसीआई को कोई भी नीतिगत फैसला अटॉर्नी जनरल, सॉलिसिटर जनरल के परामर्श से लेना होगा: न्यायालय

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बीसीआई को कोई भी नीतिगत फैसला अटॉर्नी जनरल, सॉलिसिटर जनरल के परामर्श से लेना होगा: न्यायालय

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  • Publish Date - September 2, 2026 / 01:39 PM IST,
    Updated On - September 2, 2026 / 01:39 PM IST

नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) को कोई भी नीतिगत फैसला भारत के अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल के परामर्श से लेना होगा।

शीर्ष अदालत बीसीआई के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के लंबे कार्यकाल की वैधता को चुनौती देने वाली और उन्हें पद से हटाने के अनुरोध संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ इन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

पीठ ने कहा, “बीसीआई द्वारा लिए जाने वाले प्रत्येक नीतिगत निर्णय में भारत के अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल की सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए।”

अधिवक्ता योगमाया एमजी द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि मिश्रा पहली बार 2012 तक के लिए बीसीआई के अध्यक्ष चुने गए थे। मिश्रा ने हालांकि 2014 में कुछ समय के लिए अध्यक्ष पद छोड़ दिया था, लेकिन उसी वर्ष नवंबर में वह फिर से अध्यक्ष पद पर काबिज हो गये और तब से इस पद पर बने हुए हैं।’’

भाषा

देवेंद्र मनीषा

मनीषा