झारखंड की सरकार हो, केंद्र हो या फिर कांग्रेस की सरकार, सभी को छात्रों की बात सुननी चाहिए: राहुल

झारखंड की सरकार हो, केंद्र हो या फिर कांग्रेस की सरकार, सभी को छात्रों की बात सुननी चाहिए: राहुल

झारखंड की सरकार हो, केंद्र हो या फिर कांग्रेस की सरकार, सभी को छात्रों की बात सुननी चाहिए: राहुल
Modified Date: August 6, 2026 / 07:42 pm IST
Published Date: August 6, 2026 7:42 pm IST

नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रांची में छात्रों के विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में बृहस्पतिवार को कहा कि झारखंड समेत सभी सरकारों को छात्रों की बात सुननी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए कदम उठाने चाहिए।

राहुल गांधी ने ‘इंस्टाग्राम’ पर एक ‘जेन जी’ युवा के सवाल के जवाब में यह भी कहा कि उन्होंने कोटा और देहरादून में छात्रों का विषय उठाया है तथा आठ अगस्त को प्रयागराज जाकर भी छात्रों के बारे में बात करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘पूरे देश में छात्रों का प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ हो रहा है। मैंने कोटा और देहरादून में कहा है और इलाहाबाद (प्रयागराज) में जाकर कहने वाला हूं कि हमारी शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त, बहुत महंगी और दमनकारी है।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘चाहे कांग्रेस की सरकार हो, केंद्र सरकार हो या झारखंड की सरकार, हर सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था को बदलने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।’’

राहुल गांधी ने पहली बार रांची में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर टिप्पणी की है।

कांग्रेस झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार की सहयोगी है।

इससे पहले, पार्टी के झारखंड प्रभारी के. राजू ने कहा कि उनके नेतृत्व में पार्टी के राज्य के नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।

राजू ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘हमने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत करने और ठोस समाधान सुझाने के लिए मंत्रिस्तरीय समिति गठित करने के मुख्यमंत्री के सकारात्मक एवं संवेदनशील फैसले के लिए उनका धन्यवाद किया।’’

उन्होंने कहा कि झारखंड कांग्रेस न्याय की मांग कर रहे छात्रों के समर्थन में खड़ी है।

राजू ने कहा, ‘‘हमारे छात्रों को न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।’’

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है, तथा पांच और प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गतिरोध समाप्त करने के लिए बातचीत की पेशकश करते हुए बुधवार को कहा था कि प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा राष्ट्रीय समस्या है। ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ के बैनर तले 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में शुरू हुआ यह आंदोलन हाल के वर्षों में राज्य के सबसे बड़े छात्र आंदोलनों में से एक बन गया है।

प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अथवा राज्य के बाहर उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के पैनल से कराने की मांग कर रहे हैं।

वे झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधार की मांग भी कर रहे हैं।

भाषा हक हक नेत्रपाल

नेत्रपाल


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