नीट पुनर्परीक्षा में अंक घटने का आरोप, बीड़ के छात्र ने उच्च न्यायालय में दायर की याचिका

नीट पुनर्परीक्षा में अंक घटने का आरोप, बीड़ के छात्र ने उच्च न्यायालय में दायर की याचिका

नीट पुनर्परीक्षा में अंक घटने का आरोप, बीड़ के छात्र ने उच्च न्यायालय में दायर की याचिका
Modified Date: July 21, 2026 / 05:43 pm IST
Published Date: July 21, 2026 5:43 pm IST

बीड, 21 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के बीड जिले के एक नीट-यूजी अभ्यर्थी ने 21 जून को हुई पुन:परीक्षा की उत्तर पुस्तिका से ओएमआर शीट का मिलान करने पर 522 अंक बनने का दावा करते हुए मुंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ का रुख किया है, क्योंकि एनटीए द्वारा घोषित परिणाम में उसे महज 95 अंक दिए गए हैं।

औरंगाबाद पीठ के समक्ष याचिका दायर करने वाले सोहम नितिन गावते ने कहा कि अंकों में इस भारी अंतर के बारे में ईमेल भेजने के बावजूद जब एनटीए से कोई जवाब नहीं मिला, तो उसे अदालत का रुख करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस याचिका पर 23 जुलाई को सुनवाई होनी है।

याचिकाकर्ता के अनुसार, उसने 14 जुलाई को जारी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) की ओएमआर शीट का मिलान दो दिन बाद जारी आधिकारिक उत्तर पुस्तिका/कुंजी से किया। इसमें पाया गया कि उसने कुल 148 प्रश्न हल किए थे जिनमें से 136 सही और 12 गलत थे।

नीट के अंकन नियमों के आधार पर उसके 720 में से 522 अंक बनने चाहिए थे, लेकिन स्कोरकार्ड में महज 95 अंक दर्ज थे।

याचिकाकर्ता ने बताया कि उसने 17 और 18 जुलाई को एनटीए को ईमेल भेजकर परिणाम में सुधार की मांग की थी, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद उसने अपने वकीलों के माध्यम से उत्तर पुस्तिका के सत्यापन और संशोधित परिणाम पत्र जारी करने की मांग को लेकर रिट याचिका दायर की है।

भाषा सुमित नरेश

नरेश


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