(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, 29 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल में छिटपुट हिंसा के बीच दूसरे एवं अंतिम चरण के मतदान में पूर्वाह्न 11 बजे तक 142 विधानसभा सीट पर 39.97 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया जबकि भवानीपुर सीट पर उस समय तनाव व्याप्त हो गया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी ने एक ही बूथ क्षेत्र में एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए।
मतदान सुबह सात बजे शुरू हो गया तथा कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्व बर्धमान जिलों में मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की कतारें दिखीं।
इस चरण में मतदान के लिए पात्र कुल मतदाताओं में से 1.57 करोड़ महिलाएं हैं और 792 ट्रांसजेंडर हैं।
सुबह नौ बजे तक पश्चिम बंगाल में 18.39 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसमें पूर्व बर्धमान में सबसे अधिक 20.86 प्रतिशत मतदान हुआ, उसके बाद हुगली में 20.16 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि नादिया में 18.50 प्रतिशत मतदान हुआ, उत्तर 24 परगना में 17.81 प्रतिशत, हावड़ा में 17.76 प्रतिशत, कोलकाता उत्तर में 17.28 प्रतिशत, दक्षिण 24 परगना में 17.25 प्रतिशत और कोलकाता दक्षिण में 16.81 प्रतिशत मतदान हुआ।
अधिकारी ने कहा, ‘‘कुछ इलाकों में मामूली घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है। हमने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।’’
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘कुछ क्षेत्रों में मामूली घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। हमने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।’’
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में 142 विधानसभा क्षेत्रों में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान जारी है।
चक्रबेरिया में एक ही बूथ क्षेत्र पर बनर्जी और अधिकारी का सुबह-सुबह आमना सामना हुआ, जिसने मुख्यमंत्री के चुनावी गढ़ भवानीपुर को पूरे दिन का केंद्र बिंदु बना दिया। इससे प्रतिष्ठा की इस लड़ाई का प्रतीकात्मक महत्व और बढ़ गया, जिसे पिछले विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर चुनाव के दोहराव के रूप में देखा जा रहा है, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने उन्हें 2021 में हराया था।
स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेताओं को कथित तौर पर धमकाने की शिकायतें मिलने के बाद बनर्जी पहले से ही बूथ के बाहर बैठी दिखीं, तभी केंद्रीय बलों की भारी तैनाती के बीच अधिकारी भी वहां पहुंचे।
अपनी कार से उतरते हुए अधिकारी ने घोषणा की, ‘‘मैं किसी भी तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करूंगा।’’
बनर्जी ने भाजपा पर केंद्रीय बलों, पुलिस पर्यवेक्षकों और निर्वाचन अधिकारियों का इस्तेमाल करके चुनाव में धांधली करने का आरोप लगाया।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘भाजपा इस चुनाव में धांधली करना चाहती है। बंगाल में चुनाव आमतौर पर शांतिपूर्ण होते हैं। क्या यहां गुंडा राज है?’’ उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान मंगलवार देर रात तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के घरों में घुस गए और इलाके में दहशत फैला दी।
बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव पर्यवेक्षक भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं और दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जिलों में चुनिंदा तरीके से निशाना बनाया जा रहा है।
अधिकारी ने इन आरोपों को ‘‘हताशा’’ का संकेत बताते हुए खारिज कर दिया और दावा किया कि बनर्जी को यह एहसास हो गया है कि उन्हें ‘‘एक भी वोट’’ नहीं मिलने वाला है।
बनर्जी आमतौर पर अपना वोट डालने के लिए दिन में देर से कालीघाट स्थित अपने आवास से निकलकर मित्रा इंस्टीट्यूशन स्कूल जाती हैं। हालांकि, इस बार परंपरा तोड़ते हुए वह सुबह आठ बजे से पहले ही मतदान केंद्र पहुंच गईं। उन्होंने चेतला, पद्मपुकुर और चक्रबेरिया का दौरा किया, जिससे भवानीपुर और दक्षिण बंगाल की व्यापक चुनावी लड़ाई के महत्व का पता चलता है।
कई जिलों से हिंसा, तोड़फोड़ और तनाव की खबरें सामने आईं।
नदिया जिले के छपरा में एक चुनावी अभ्यास के दौरान एक बूथ के अंदर भाजपा के एक मतदान एजेंट पर कथित तौर पर हमला किया गया। भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों पर उसके एजेंट पर हमला करने का आरोप लगाया, जबकि सत्तारूढ़ पार्टी ने इस आरोप से इनकार किया। शांतिपुर में भाजपा के एक शिविर कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना हुई।
दक्षिण 24 परगना के भांगर में आईएसएफ ने आरोप लगाया कि उसके मतदान एजेंटों को बूथ में प्रवेश करने से रोका गया।
इस चरण के मतदान में कुल 3,21,73,837 मतदाता मतदान करने के पात्र हैं, जिनमें 1,64,35,627 पुरुष, 1,57,37,418 महिलाएं और 792 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। मतदान 41,001 केंद्रों पर हो रहा है, जिनका वेबकास्टिंग के माध्यम से प्रसारण किया जा रहा है।
भाषा सुरभि मनीषा
मनीषा