Sonam Raghuvanshi Bail News / Image Source : FILE
नई दिल्ली : Sonam Raghuvanshi Bail News मेघालय में साल 2025 में हुए चर्चित ‘राजा रघुवंशी हत्याकांड‘ की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मंगलवार को जमानत मिल गई है। तीन बार जमानत याचिका खारिज होने के बाद, इस बार सोनम की रिहाई का रास्ता किसी सबूत की कमी से नहीं, बल्कि पुलिस की एक ‘लिपिकीय त्रुटि’ (Clerical Error) यानी टाइपिंग की गलती की वजह से खुला है।
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, सोनम पर अपने पति राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान हत्या करने का आरोप है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया था। लेकिन, गिरफ्तारी के समय दिए गए दस्तावेजों में पुलिस ने एक ऐसी धारा लिख दी जो कानून की किताब में मौजूद ही नहीं है।
अरेस्ट मेमो और अन्य कानूनी कागजों में पुलिस ने धारा 103(1) की जगह धारा 403(1) का उल्लेख कर दिया। दिलचस्प बात यह है कि नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) में धारा 403(1) नाम की कोई धारा ही नहीं है। कोर्ट ने नोट किया कि गिरफ्तारी के आधार बताने वाले सभी दस्तावेजों में गलत धाराओं का इस्तेमाल किया गया था, जिसका मतलब है कि आरोपी को उसकी गिरफ्तारी का सही कारण कानूनी रूप से सूचित नहीं किया गया।
ईस्ट खासी हिल्स जिला अदालत ने अपने आदेश में कहा कि हालांकि इसे एक लिपिकीय त्रुटि बताया जा रहा है, लेकिन ऐसी गलती हर दस्तावेज में नहीं हो सकती। आरोपी को यह जानकारी ही नहीं दी गई कि उसे धारा 103(1) (हत्या) के तहत गिरफ्तार किया गया है। इसी तकनीकी खामी का फायदा सोनम को मिला और कोर्ट ने उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दे दिया।
आपकों बता दें की आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बावजूद वह इंदौर नहीं आ सकेगी। मेघालय की अदालत ने सोनम को राहत देते हुए सख्त शर्तों के साथ जमानत मंजूर की है। Raja Raghuvanshi Murder कोर्ट ने साफ निर्देश दिया है कि सोनम बिना उचित अनुमति शिलांग के न्यायालय क्षेत्र से बाहर नहीं जा सकती। यानी जमानत मिलने के बाद भी उसे शिलांग छोड़ने की अनुमति नहीं है।
अदालत ने जमानत के साथ चार अहम शर्तें भी लगाई हैं, जिनमें फरार न होना, सबूतों या गवाहों से छेड़छाड़ न करना, हर तय तारीख पर कोर्ट में पेश होना और 50 हजार रुपये के निजी मुचलके के साथ समान राशि के दो जमानतदार पेश करना शामिल है। ऐसे में जमानत मिलने के बावजूद सोनम की घर वापसी पर फिलहाल रोक बनी हुई है।