Sonam Raghuvanshi Bail News : 3 बार याचिका खारिज, फिर भी मिली बेल! जानें कैसे पुलिस की इस एक गलती की वजह से जेल से बाहर आई सोनम

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पुलिस दस्तावेजों में हुई गंभीर तकनीकी गलती को आधार मानते हुए आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत दी है। हालांकि उस पर कई सख्त शर्तें लगाई गई हैं और जांच प्रक्रिया अभी जारी रहेगी।

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  • Publish Date - April 29, 2026 / 01:30 PM IST,
    Updated On - April 29, 2026 / 01:33 PM IST

Sonam Raghuvanshi Bail News / Image Source : FILE

HIGHLIGHTS
  • राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम को मिली जमानत
  • तीन बार खारिज होने के बाद इस बार मिली राहत
  • पुलिस दस्तावेजों में गंभीर लिपिकीय त्रुटि सामने आई

नई दिल्ली : Sonam Raghuvanshi Bail News  मेघालय में साल 2025 में हुए चर्चित ‘राजा रघुवंशी हत्याकांड‘ की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मंगलवार को जमानत मिल गई है। तीन बार जमानत याचिका खारिज होने के बाद, इस बार सोनम की रिहाई का रास्ता किसी सबूत की कमी से नहीं, बल्कि पुलिस की एक ‘लिपिकीय त्रुटि’ (Clerical Error) यानी टाइपिंग की गलती की वजह से खुला है।

भारतीय न्याय संहिता में नहीं है 403(1) की धारा

अदालती दस्तावेजों के अनुसार, सोनम पर अपने पति राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान हत्या करने का आरोप है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया था। लेकिन, गिरफ्तारी के समय दिए गए दस्तावेजों में पुलिस ने एक ऐसी धारा लिख दी जो कानून की किताब में मौजूद ही नहीं है।

धारा 103(1) की जगह धारा 403(1) का उल्लेख

अरेस्ट मेमो और अन्य कानूनी कागजों में पुलिस ने धारा 103(1) की जगह धारा 403(1) का उल्लेख कर दिया। दिलचस्प बात यह है कि नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) में धारा 403(1) नाम की कोई धारा ही नहीं है। कोर्ट ने नोट किया कि गिरफ्तारी के आधार बताने वाले सभी दस्तावेजों में गलत धाराओं का इस्तेमाल किया गया था, जिसका मतलब है कि आरोपी को उसकी गिरफ्तारी का सही कारण कानूनी रूप से सूचित नहीं किया गया।

Meghalaya Honeymoon Murder Case लिपिकीय त्रुटि की वजह से मिली रिहाई

ईस्ट खासी हिल्स जिला अदालत ने अपने आदेश में कहा कि हालांकि इसे एक लिपिकीय त्रुटि बताया जा रहा है, लेकिन ऐसी गलती हर दस्तावेज में नहीं हो सकती। आरोपी को यह जानकारी ही नहीं दी गई कि उसे धारा 103(1) (हत्या) के तहत गिरफ्तार किया गया है। इसी तकनीकी खामी का फायदा सोनम को मिला और कोर्ट ने उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दे दिया।

जमानत के बाद भी नहीं आ सकती इंदौर

आपकों बता दें की आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बावजूद वह इंदौर नहीं आ सकेगी। मेघालय की अदालत ने सोनम को राहत देते हुए सख्त शर्तों के साथ जमानत मंजूर की है। Raja Raghuvanshi Murder कोर्ट ने साफ निर्देश दिया है कि सोनम बिना उचित अनुमति शिलांग के न्यायालय क्षेत्र से बाहर नहीं जा सकती। यानी जमानत मिलने के बाद भी उसे शिलांग छोड़ने की अनुमति नहीं है।

जमानत के साथ चार अहम शर्तें

अदालत ने जमानत के साथ चार अहम शर्तें भी लगाई हैं, जिनमें फरार न होना, सबूतों या गवाहों से छेड़छाड़ न करना, हर तय तारीख पर कोर्ट में पेश होना और 50 हजार रुपये के निजी मुचलके के साथ समान राशि के दो जमानतदार पेश करना शामिल है। ऐसे में जमानत मिलने के बावजूद सोनम की घर वापसी पर फिलहाल रोक बनी हुई है।

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