असम में दिखा हिंसा का ‘बंगाल मॉडल’, हमारे नेताओं पर हमले की स्वतंत्र जांच हो : कांग्रेस

असम में दिखा हिंसा का ‘बंगाल मॉडल’, हमारे नेताओं पर हमले की स्वतंत्र जांच हो : कांग्रेस

असम में दिखा हिंसा का ‘बंगाल मॉडल’, हमारे नेताओं पर हमले की स्वतंत्र जांच हो : कांग्रेस
Modified Date: September 22, 2026 / 04:58 pm IST
Published Date: September 22, 2026 4:58 pm IST

नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने असम की नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव के प्रचार के दौरान पार्टी नेताओं के काफिले पर कथित हमले को लेकर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा निर्वाचन आयोग के बीच सांठगांठ का आरोप लगाया और दावा किया कि राज्य में ‘बंगाल मॉडल’ की तर्ज पर हिंसा का सहारा लेकर विपक्ष को जीत से रोकने का प्रयास हो रहा है।

मुख्य विपक्षी दल ने निर्वाचन आयोग से इस मामले की स्वतंत्र जांच कराने और ड्यूटी के दौरान ‘लापरवाही’ बरतने वाले अधिकारियों के निलंबन की मांग भी की।

असम में कांग्रेस के सह-प्रभारी मनोज चौहान ने दावा किया कि मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को उपचुनाव में भाजपा की हार का डर सता है और इसी वजह से पार्टी नेताओं को निशाना बनाया गया।

चौहान ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘नगांव में कांग्रेस जीत रही है। मुख्यमंत्री को लगता है कि अगर कांग्रेस यहां जीत गई तो उनके लिए खराब संदेश जाएगा और दिल्ली में भाजपा नेतृत्व के सामने उनकी स्थिति खराब होगी। दूसरी बात यह है कि यहां राहुल गांधी के प्रति अपार समर्थन देखने को मिल रहा है। इसलिए भी शर्मा और भाजपा बैकफुट पर हैं।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि असम में भाजपा ‘बंगाल मॉडल’ की तर्ज पर चुनाव लड़ रही है और हिंसा तथा कथित गुंडागर्दी का सहारा लिया जा रहा है।

उनका कहना था कि इस हमले में उन्हें भी चोट आई है।

चौहान ने यह भी आरोप लगाया कि असम में भाजपा और निर्वाचन आयोग के बीच ‘‘सांठगांठ’’ है, लेकिन जनता इसे नाकाम कर देगी।

कांग्रेस महासचिव सैयद नासिर हुसैन ने संवाददाताओं से कहा कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के काफिले पर हमला ‘‘सुनियोजित’’ था।

हुसैन ने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाओं का उद्देश्य नेताओं, पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं में भय पैदा करना है।

उन्होंने निर्वाचन आयोग से मामले की स्वतंत्र जांच कराने और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की।

उन्होंने कहा, ‘‘देश में पिछले 12 वर्षों से डराने-धमकाने की राजनीति की जा रही है और ऐसी घटनाएं लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय हैं।’’

हुसैन ने यह आरोप भी लगाया कि जब भाजपा को चुनाव में नुकसान की आशंका होती है, तब उसके कार्यकर्ताओं द्वारा ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया जाता है।

असम पुलिस ने सोमवार को कहा था कि नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान समागुरी विधानसभा क्षेत्र के बारामा बाजार में कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प हुई। यह घटना उस समय हुई जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक समूह जनसभा के लिए लारीरमुख जा रहा था।

असम की नगांव लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद रहे प्रद्युत बोरदोलोई के पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने और इस्तीफा देने के कारण उपचुनाव हो रहा है। इस सीट पर छह अक्टूबर को मतदान होना है। मुख्य मुकाबला पूर्व आईएएस अधिकारी तथा भाजपा उम्मीदवार देवाशीष शर्मा और कांग्रेस की पूर्व विधायक सिबामोनी बोरा के बीच है।

भाषा हक हक नरेश

नरेश


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