कोलकाता/नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के संक्रमण से उबर चुकी 25 वर्षीय नर्स की बारासात जिले के एक निजी अस्पताल में बृहस्पतिवार को हृदयगति रुकने से मौत हो गई। राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी के मुताबिक नर्स लंबे समय तक कोमा में रही, जिससे उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई और बाद में उसे फेफड़ों में संक्रमण हो गया। उन्होंने बताया कि नर्स को जनवरी के अंत में जीवन-रक्षक प्रणाली से हटाया गया था।
अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘आज दोपहर हृदय गति रुकने से उनकी मृत्यु हो गई। वह निपाह संक्रमण से उबर चुकी थीं, लेकिन वह कई जटिलताओं से पीड़ित थीं।’’
उन्होंने बताया कि नर्स पूर्वी बर्धमान जिले के कटवा की रहने वाली थीं और लंबे समय से कोमा में थीं, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो गई थी।
इलाज के दौरान उन्हें फेफड़ों का संक्रमण और अस्पताल से भी संक्रमण हो गया।
अधिकारी ने बताया, ‘‘वह होश में आने, अपने अंगों को हिलाने और बोलने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन अचानक उनकी हालत बिगड़ गई। उनकी मौत शाम करीब 4:20 बजे हुई।’’
नव वर्ष की छुट्टियों के लिए 31 दिसंबर को घर लौटने के बाद नर्स जनवरी की शुरुआत में पहली बार बीमार पड़ी थीं और उन्हें शुरू में बर्दवान मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद उन्हें बारासात के निजी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया था।
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के मुताबिक दिसंबर से अब तक पश्चिम बंगाल से निपाह वायरस से संक्रमण के दो मामलों की पुष्टि हुई थी जिनमें से एक पुरुष नर्स इससे उबर चुका है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल से 11 जनवरी, 2026 को सामने आए निपाह संक्रमण के दो मामलों में से, गंभीर रूप से बीमार और गहन चिकित्सा देखभाल में भर्ती नर्स की आज अस्पताल में हृदय गति रुकने से मृत्यु हो गई।’’
इससे पहले मंत्रालय ने कहा था कि निपाह वायरस रोग (एनआईवीडी) के मामलों के बारे में अटकलबाजी और गलत आंकड़े मीडिया के कुछ वर्गों में प्रसारित किए जा रहे हैं।
मंत्रालय ने कहा था कि दो मामलों की पुष्टि होने के बाद, केंद्र ने पश्चिम बंगाल सरकार के साथ घनिष्ठ समन्वय में, स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार त्वरित और व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय शुरू किए।
पूर्व के बयान में कहा गया, ‘‘ पुष्टि किए गए मामलों से जुड़े कुल 196 संपर्कों की पहचान की गई, उनका पता लगाया गया, उन पर नजर रखी गई और उनकी जांच की गई। पता लगाए गए सभी संपर्क लक्षणहीन पाए गए और निपाह वायरस संक्रमण की जांच में उनके प्रभावित नहीं होने की पुष्टि हुई।’’
भाषा धीरज नरेश
नरेश