Gwalior News : बिना डिग्री वाले डॉक्टर ने दिया दवाओं का ओवरडोज, अब बच्चे का हो गया ऐसा हाल, पिता-पुत्र ने खून से पत्र लिखकर केंद्रीय मंत्री का काफिला रोक लगाई मदद की गुहार

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ग्वालियर में 9 वर्षीय यशवर्धन राठौर ने अपने खून से पत्र लिखकर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से न्याय की गुहार लगाई। बिना डिग्री वाले डॉक्टर द्वारा दवाओं का अत्यधिक डोज देने से बच्चे की सेहत गंभीर रूप से प्रभावित हुई। केंद्रीय मंत्री ने पिता-पुत्र को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

  • Reported By: Nasir Gouri

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  • Publish Date - February 12, 2026 / 08:42 PM IST,
    Updated On - February 12, 2026 / 08:46 PM IST

Gwalior News / Image Source : IBC24

HIGHLIGHTS
  • ग्वालियर के 9 साल के यशवर्धन ने अपने खून से न्याय की गुहार लगाई।
  • बिना डिग्री वाले डॉक्टर ने दवाओं का भारी डोज देकर बच्चे की सेहत बिगाड़ी।
  • केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कार्रवाई का भरोसा दिया।

ग्वालियर : Gwalior News मध्य प्रदेश के ग्वालियर ज़िले में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे एक 9 साल के मासूम बच्चे यशवर्धन राठौर ने अपने खून से पत्र लिखकर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से न्याय की गुहार लगाई है। तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले इस मासूम ने शहर के एक नामी डॉक्टर पर बिना डिग्री-डिप्लोमा के दवाओं का अत्यधिक डोज देने और उसके शरीर में गंभीर बीमारी पैदा करने का आरोप लगाया है। ग्वालियर एयरपोर्ट पर सिंधिया ने बच्चे के खून से लिखे पत्र को स्वीकार किया और पिता-पुत्र को जल्द कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया।

इलाज में लापरवाही

बच्चे के पिता मोनू राठौर का आरोप है कि साल 2020 में वे यशवर्धन के सिर पर कम बालों की समस्या को लेकर शिंदे की छावनी स्थित डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. कुलदीप सक्सेना के पास पहुंचे थे।  Fake Doctor Gwalior 2024 तक चले इस इलाज के दौरान मासूम को दवाओं के हैवी डोज और स्टेरॉयड दिए गए, जिससे आराम मिलने के बजाय यशवर्धन के पूरे बाल गायब हो गए, आंखों की रोशनी कम हो गई और दांत टेढ़े होने लगे।

एम्स भोपाल और फिर दिल्ली एम्स में हुई जांचों के बाद डॉक्टरों ने बच्चे की स्थिति को अत्यंत गंभीर बताया है। आरटीआई के जरिए मिली जानकारी के मुताबिक, डॉ. कुलदीप सक्सेना के पास डर्मेटोलॉजिस्ट से जुड़ी कोई डिग्री नहीं है और वह अपनी पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड क्लीनिक में प्रैक्टिस कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जैसे-जैसे बच्चे की उम्र बढ़ेगी, उसका शरीर और भी कमजोर होता जाएगा। कुछ महत्वपूर्ण जांचों के सैंपल अमेरिका भी भेजे गए हैं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिलाया भरोसा

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एयरपोर्ट से रवाना होते समय काफिला रोककर पिता-पुत्र को भरोसा दिलाया कि बच्चे को न्याय जरूर मिलेगा। वहीं, मासूम यशवर्धन और उसके पिता ने एलान किया है कि यदि इस मामले में दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे न्याय न मिलने की स्थिति में आत्मदाह कर लेंगे। फिलहाल, पूरा मामला जांच के घेरे में है और केंद्रीय मंत्री के आश्वासन के बाद प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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