किराया निर्धारण में अनियमितताओं के कारण बेंगलुरु मेट्रो देश की सबसे महंगी मेट्रो बन गई है: सूर्या

किराया निर्धारण में अनियमितताओं के कारण बेंगलुरु मेट्रो देश की सबसे महंगी मेट्रो बन गई है: सूर्या

किराया निर्धारण में अनियमितताओं के कारण बेंगलुरु मेट्रो देश की सबसे महंगी मेट्रो बन गई है: सूर्या
Modified Date: January 17, 2026 / 04:53 pm IST
Published Date: January 17, 2026 4:53 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

बेंगलुरु, 17 जनवरी (भाषा) बेंगलुरु दक्षिण से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने शनिवार को कहा कि कर्नाटक सरकार की ओर से किराया निर्धारण में अनियमितताओं के कारण हुई गलतियों को सुधारने में ‘‘लापरवाही’’ के कारण बेंगलुरु मेट्रो देश की सबसे महंगी मेट्रो बन गई है।

सूर्या ने दावा किया कि बेंगलुरु में मेट्रो का सफर अब दिल्ली, मुंबई और चेन्नई की तुलना में लगभग दोगुना महंगा हो गया है, जिसके कारण मेट्रो का इस्तेमाल करने वालों की संख्या में कमी आई है।

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सांसद ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) परिचालन और रखरखाव में होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए फरवरी में किराये में पांच प्रतिशत और वृद्धि करने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि ये नुकसान मुख्य रूप से मेट्रो निर्माण में बार-बार होने वाली देरी का नतीजा हैं, जिससे परियोजना की लागत में काफी वृद्धि होती है।

किराया वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शनों की चेतावनी देते हुए, उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार से आग्रह किया कि वे दैनिक मेट्रो यात्रियों के हितों के लिए कम से कम कुछ चिंता दिखाएं और एक नयी किराया निर्धारण समिति का गठन करके पारदर्शिता और यात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक संशोधित किराया संरचना निर्धारित करें।

सूर्या ने शुक्रवार को केंद्रीय शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर, सिद्धरमैया, शिवकुमार और बीएमआरसीएल के प्रबंध निदेशक जे रविशंकर को पत्र लिखकर मेट्रो रेल के लिए किराया निर्धारण समिति (एफएफसी) का पुनर्गठन करने का अनुरोध किया था। उन्होंने हाल में किये गये किराया संशोधन में गंभीर अनियमितताओं का हवाला देते हुए कहा था कि इससे यात्रियों पर अनुचित वित्तीय बोझ पड़ा है।

बीएमआरसीएल ने फरवरी 2025 में एफसीसी की सिफारिश के अनुसार संशोधित कीमतें लागू कीं, जिसके परिणामस्वरूप कुछ मार्गों पर टिकट की लागत में 71 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई और अधिकतम दर 90 रुपये तक पहुंच गई।

सूर्या ने यहां पत्रकारों से कहा कि सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने वाले लोगों को दी जाने वाली यह सजा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा, ‘‘लोगों के दस महीने पहले हुई पिछली किराया वृद्धि से उबरने से पहले ही, राज्य सरकार और बीएमआरसीएल ने एक और पांच प्रतिशत किराया वृद्धि का प्रस्ताव रखा है जो एक फरवरी से प्रभावी होगा। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकारों को सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना चाहिए, खासकर बेंगलुरु जैसे शहरों में जहां यातायात जाम आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। इसके बजाय, बीएमआरसीएल और राज्य सरकार मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने वालों को दंडित कर रही हैं।’’

सांसद ने कहा कि पूर्व किराया निर्धारण समिति ने कई गलतियां कीं और अवैज्ञानिक विश्लेषण किया, जिसके परिणामस्वरूप बेंगलुरु मेट्रो का किराया आसमान छू रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि राज्य सरकार एक नयी किराया निर्धारण समिति के गठन की प्रक्रिया शुरू करे, जो टिकटों पर लगाये जाने वाले शुल्क का वैज्ञानिक रूप से आकलन करे।

उन्होंने कहा कि फरवरी में प्रस्तावित किराया वृद्धि केवल नयी किराया निर्धारण समिति की सिफारिशों के आधार पर ही लागू होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि राज्य सरकार यात्रियों की सभी मांगों और शिकायतों पर ध्यान नहीं देती है और इस अवैज्ञानिक और जनविरोधी किराया वृद्धि को लागू करती है, तो प्रत्येक मेट्रो स्टेशन पर लाखों मेट्रो यात्री विरोध प्रदर्शन करने के लिए एकजुट होंगे।”

भाषा

देवेंद्र माधव

माधव


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