Betrayal of the country! BSF jawans used to leak information of security forces to Pakistan, used to take huge amount

देश के साथ गद्दारी! सुरक्षाबलों की जानकारी पाकिस्तान को लीक करता था BSF जवान, लेता था मोटी रकम

Betrayal of the country! BSF jawans used to leak information of security forces to Pakistan, used to take huge amount

:   Modified Date:  November 29, 2022 / 08:16 PM IST, Published Date : October 25, 2021/10:05 pm IST

भुज, 25 अक्टूबरः गुजरात की भुज बटालियन में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक जवान को आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने कथित तौर पर पाकिस्तान के लिये जासूसी करने आरोप में गिरफ्तार कर लिया । एटीएस ने सोमवार को कहा कि वह पाकिस्तान को व्हाट्सएप पर गुप्त और संवेदनशील जानकारी देता था।

एटीएस ने बयान जारी कर कहा कि गिरफ्तार बीएसएफ जवान की पहचान मोहम्मद सज्जाद के रूप में हुई है और वह केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के रजौरी जिले के सरोला गांव का रहने वाला है। बयान में कहा गया है कि उसे इस साल जुलाई में बीएसएफ की 74 बटालियन भुज में तैनात किया गया था ।

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एटीएस ने बताया कि सज्जाद को भुज में बीएसएफ मुख्यालय से गिरफ्तार किया गया । वह 2012 में कांस्टेबल के तौर पर बीएसएफ में शामिल हुआ था । एटीएस ने कहा कि जानकारी देने के बदले उसे पैसे मिलते थे जो उसके भाई वाजिद और सहयोगी इकबाल राशिद के खातों में जमा होती थी ।

सज्जाद ने अपना पासपोर्ट जम्मू के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से बनवाया था। एटीएस ने कहा कि उसी पासपोर्ट पर उसने एक दिसंबर 2011 से 16 जनवरी 2012 के बीच 46 दिनों के लिए पाकिस्तान की यात्रा की । उसने पाकिस्तान जाने के लिए अटारी रेलवे स्टेशन से समझौता एक्सप्रेस में सवार हुआ था। एटीएस के मुताबिक, सज्जाद दो फोन इस्तेमाल करता था।

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इसके अनुसार, आरोपी के एक फोन पर आखिरी बार इस साल 14-15 जनवरी को एक सिम कार्ड सक्रिय किया गया था। जब उस नंबर के सीडीआर (कॉल डेटा रिकॉर्ड) की जांच की गई तो पता चला कि यह सिम कार्ड त्रिपुरा के सत्यगोपाल घोष का है। पहली बार यह सिम कार्ड सात नवंबर 2020 को सक्रिय हुआ था और सज्जाद को उस नंबर पर दो कॉल आए।

एटीएस ने कहा कि यह नंबर नौ नवंबर तक सक्रिय रहा और इसके बाद यह 25 दिसंबर 2020 तक निष्क्रिय रहा । एटीएस ने बताया कि इसे 26 दिसंबर 2020 को फिर से सक्रिय किया गया था। बयान में कहा गया है, ‘‘15 जनवरी 2021 को जब नंबर को दोबारा सक्रिय किया गया था तो 12:38:51 बजे एक एसएमएस प्राप्त हुआ था। उसी नंबर पर दोपहर लगभग 12:38 बजे एक एसएमएस प्राप्त हुआ था, जो संभवत: व्हाट्सएप के लिए एक ओटीपी था। इसके बाद नंबर को निष्क्रिय कर दिया गया।’’

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एटीएस ने बताया कि आरोपी ने इस नंबर पर ओटीपी प्राप्त किया और उसे पाकिस्तान भेज दिया जहां उसने व्हाट्सएप को सक्रिय कर दिया जिससे वह गुप्त सूचनायें वहां भेजता था। बयान के अनुसार यह व्हाट्सएप अब भी सक्रिय है और पाकिस्तान में कोई व्यक्ति इसका इस्तेमाल कर रहा है जो सज्जाद के संपर्क में था।

एटीएस अधिकारियों ने कहा कि सज्जाद ने गलत जन्मतिथि बताकर बीएसएफ को गुमराह किया। उसके आधार कार्ड के अनुसार, उनका जन्म एक जनवरी 1992 को हुआ था जबकि उसके पासपोर्ट विवरण में उसकी जन्म तिथि 30 जनवरी 1985 अंकित है । एटीएस ने कहा, ‘‘सज्जाद के कब्जे से दो मोबाइल फोन, उनके सिम कार्ड, दो अतिरिक्त सिम कार्ड जब्त किए गए। आगे की जांच जारी है ।’’

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