जयपुर, 24 जून (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार बिजली-पानी एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं की सुगम उपलब्धता एवं नागरिक सेवाओं के विस्तार पर प्राथमिकता से कार्य करते हुए अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को राहत प्रदान कर रही है।
उन्होंने कहा कि जयपुर में परिवहन से लेकर सफाई व्यवस्था को हाईटेक करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिससे भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति होगी।
मुख्यमंत्री बुधवार को सांगानेर स्टेडियम में लगभग 631 करोड़ रुपये के 1538 विकास कार्यों के लोकार्पण, शिलान्यास एवं पट्टा वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों से सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार एवं उन्नयन होगा, जिससे क्षेत्र के आमजन को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकेंगी।
उन्होंने कहा कि सरकार राजस्थान की आठ करोड़ लोगों की सेवा और कल्याण के लिए पूर्ण रूप से संकल्पित है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चार जुलाई को जयपुर मेट्रो फेज-2 का शिलान्यास करेंगे।
तेरह हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत की इस मेट्रो लाइन में प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गौशाला तक के कार्यादेश भी जारी किए जा चुके हैं। यह परियोजना यातायात को अधिक सुगम बनाने, समय की बचत सुनिश्चित करने और शहर के समग्र विकास को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा शहरी आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), पीएम स्वनिधि, अमृत मिशन और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जयपुर में आधारभूत संरचनाओं को सशक्त कर आमजन के जीवन को बेहतर बना रही है।
आज जयपुर-भीलवाड़ा रोड के मुहाना मोड जंक्शन पर 124 करोड़ रुपये की लागत वाले फ्लाईओवर, बंबाला क्षेत्र में सीवरेज कार्य के लिए 88 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले मलजल शोधन संयंत्र, पृथ्वीराज नगर में सैटेलाइट अस्पताल और भांकरोटा में ट्रोमा सेंटर के निर्माण की नींव एवं सांगानेर के 115 मंदिरों के सौंदर्यीकरण एवं जीर्णाद्धार का आरंभ भी हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनिटी मॉल, रिद्धि-सिद्धि फ्लाईओवर, सांगानेर एलिवेटेड रोड और द्रव्यवती नदी विकास जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
स्वच्छता को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि जयपुर में कचरा संग्रहण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पांच अत्याधुनिक ‘मैकेनिकल लिटर पिकर’ मशीनें शुरू की गई हैं। ये मशीनें संकरी गलियों और दुर्गम स्थानों पर भी सफाई कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड का वितरण करते हुए कहा कि स्वामित्व योजना ड्रोन तकनीक के माध्यम से गांवों की आवासीय भूमि का सीमांकन कर ग्रामीणों को अपनी संपत्ति का कानूनी स्वामित्व प्रदान करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। अब तक आठ हजार से अधिक गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण कर लगभग 14 लाख स्वामित्व कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
भाषा बाकोलिया राजकुमार
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