भारत जोड़ो यात्रा देश के सबसे मजबूत राजनीतिक आंदोलनों में से एक : सतीशन

भारत जोड़ो यात्रा देश के सबसे मजबूत राजनीतिक आंदोलनों में से एक : सतीशन

भारत जोड़ो यात्रा देश के सबसे मजबूत राजनीतिक आंदोलनों में से एक : सतीशन
Modified Date: September 7, 2026 / 11:49 am IST
Published Date: September 7, 2026 11:49 am IST

तिरुवनंतपुरम, सात सितंबर (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में 2022 में निकाली गई ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को याद करते हुए इसे देश के अब तक के ‘सबसे मजबूत राजनीतिक आंदोलनों’ में से एक बताया।

सतीशन ने यात्रा के चार बरस पूरे होने पर कहा कि 7 सितंबर 2022 को कन्याकुमारी से शुरू हुई यह यात्रा 136 दिन तक चली, 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों से होकर गुजरी तथा इसने करीब 4,081 किलोमीटर की दूरी तय की।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राहुल गांधी इसके नायक थे। राहुल गांधी और कांग्रेस ने पूरी यात्रा के दौरान भारत के महान विचार को आगे रखा। संघ परिवार की विभाजनकारी राजनीति उजागर हुई। इस ऐतिहासिक यात्रा का समापन नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलने के साथ हुआ।’’

सतीशन ने अपनी पोस्ट के साथ यात्रा की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें वह, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी, कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल और राज्य के मौजूदा गृह मंत्री रमेश चेन्निथला राहुल गांधी के साथ यात्रा करते नजर आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि केरलम और राज्य के बाहर भारत जोड़ो यात्रा का हिस्सा बनना उनके राजनीतिक जीवन के सबसे अच्छे अनुभवों में से एक रहा।

सतीशन ने कहा कि यात्रा के दौरान उन्होंने छोटे बच्चों से लेकर ऊर्जावान युवाओं और समाज के हर वर्ग के लोगों में दिखाई देने वाली ‘‘अद्भुत ऊर्जा’’ को प्रत्यक्ष रूप से महसूस किया।

उन्होंने कहा, ‘‘चार साल पहले आज ही के दिन ऐतिहासिक भारत जोड़ो यात्रा कन्याकुमारी से शुरू हुई थी, जिसका उद्देश्य लोकतंत्र की आत्मा की रक्षा करना और पूरे भारत के लोगों को जोड़ना था। आपके साथ चलते हुए मैंने छोटे बच्चों से लेकर जेन जी के युवाओं और समाज के हर वर्ग के लोगों में अद्भुत ऊर्जा देखी।’’

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में एकता की यह भावना अब ‘‘न रुकने वाली एक ताकत’’ बन चुकी है।

सतीशन ने कहा, ‘‘देश का हर राज्य बदलाव का इंतजार कर रहा है और हमें विश्वास है कि 2029 इसका गवाह बनेगा। भारत को न्याय, समानता और सभी के लिए प्रगति की भूमि बनाने के आपके दृष्टिकोण के साथ केरलम मजबूती से खड़ा है।’’

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


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