भोजशाला: प्रशासन पर न्यायालय के आदेश का पालन न करने का आरोप लगा हिंदू संगठनों ने किया धार बंद

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भोजशाला: प्रशासन पर न्यायालय के आदेश का पालन न करने का आरोप लगा हिंदू संगठनों ने किया धार बंद

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  • Publish Date - August 25, 2026 / 11:30 AM IST,
    Updated On - August 25, 2026 / 11:30 AM IST

धार (मप्र), 25 अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला-कमाल मौला परिसर विवाद से संबंधित उच्चतम न्यायालय के आदेश का अक्षरशः पालन न करने का प्रशासन पर आरोप लगाते हुए यहां के हिंदू संगठनों ने मंगलवार को दोपहर तक बंद का आह्वान किया और इसके मद्देनजर शहर में खुली दुकानों को बंद करवाने का प्रयास किया।

बंद के इस आह्वान को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से पूरे जिले में सुरक्षा के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

भोज उत्सव समिति के अध्यक्ष सुरेश जलोदिया ने बताया कि उच्चतम न्यायालय ने मुस्लिम समुदाय के लिए सर्वे नंबर 596 पर नमाज अदा करने का निर्देश दिया था लेकिन प्रशासन इसका पालन नहीं कर रहा है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने भोजशाला परिसर के निकट सर्वे नंबर 612 को नमाज के लिए चुना है।

उन्होंने कहा, ‘‘इससे, भोजशाला मंदिर का रास्ता भी अवरुद्ध होता है। इसके विरोध में धार जिले में सकल हिंदू समाज ने आज बंद का आह्वान किया है।’’

धार बंद के आह्वान को लेकर धार पुलिस पूरी तरह सतर्क है और सकल हिंदू समाज द्वारा बुलाए गए इस ऐच्छिक बंद के दौरान शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक स्तर पर पुलिस बल तैनात किया गया है।

नगर पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह गुर्जर ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत में कहा कि वर्तमान स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि बंद पूरी तरह से स्वैच्छिक रहे और किसी भी व्यापारी या नागरिक पर प्रतिष्ठान बंद करने का दबाव न बनाया जाए।

गुर्जर ने बताया कि पुलिस ने धार के निवासियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी या अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें और यदि किसी नागरिक को जबरन दुकान बंद कराने या परेशान करने की स्थिति का सामना करना पड़ता है, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।

हिंदू संगठनों के लोगों ने शहर में मोटरसाइकिल रैली निकाली और लोगों से दुकान और व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की। कुछ स्थानों पर उन्हें लोगों से दुकान बंद करवाते हुए देखा गया।

शहर के होटल व्यवसायी प्रदीप राठौर ने कहा कि प्रशासन की ओर से नमाज के लिए जो जगह तय की गई है, उसके विरोध में बंद बुलाया गया है।

उन्होंने बंद का समर्थन करते हुए कहा, ‘‘नमाज का स्थान 300 मीटर दूर होना चाहिए।’’

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा मई में भोजशाला-कमाल मौला परिसर को देवी सरस्वती का मंदिर घोषित गया था। इसके बाद यह मामला उच्चतम न्यायालय गया, जहां शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि मुस्लिम समुदाय को विवादित भोजशाला परिसर से सटे दरगाह परिसर में शुक्रवार को दोपहर एक बजे से तीन बजे के बीच नमाज अदा करने की अनुमति दी जाए।

न्यायालय के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने परिसर के निकट सर्वे नंबर 612 पर नमाज के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कीं और पिछले कुछ सप्ताह से मुस्लिम समुदाय यहां नमाज पढ़ रहा है।

ग्यारहवीं शताब्दी के इस स्मारक की धार्मिक प्रकृति को लेकर विवाद उस समय उत्पन्न हुआ था जब मुस्लिम पक्ष ने इसे कमाल मौला मस्जिद बताया, जबकि हिंदू पक्षकारों का कहना था कि यहां परमार वंश के राजा भोज द्वारा निर्मित मंदिर था जिसे अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के दौरान ध्वस्त कर दिया गया।

अदालत के फैसले के बाद हर मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पूजा अर्चना करते हैं। इस दौरान श्रद्धालु सरस्वती वंदना, हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और हवन कीर्तन भी करते हैं।

भाषा सं ब्रजेन्द्र गोला

गोला