कोलकाता, 25 अगस्त (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज तीन आपराधिक मामलों में पुलिस को 30 नवंबर तक उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया।
अदालत ने कहा कि इन मामलों में उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत नहीं है।
अदालत ने डायमंड हार्बर से सांसद बनर्जी को उच्च न्यायालय की अनुमति के बिना विदेश यात्रा नहीं करने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि चिकित्सा कारणों से तीन सप्ताह के लिए विदेश जाने की उच्चतम न्यायालय द्वारा बनर्जी को दी गई अनुमति इस आदेश से प्रभावित नहीं होगी।
अदालत ने कहा कि तीनों मामलों में तृणमूल नेता से हिरासत में पूछताछ आवश्यक नहीं है इसलिए पुलिस को 30 नवंबर तक उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया गया है।
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने पुलिस को निर्देश दिया कि 23 नवंबर को मामले की अगली सुनवाई के दौरान तीनों मामलों की जांच की प्रगति रिपोर्ट अदालत में पेश की जाए।
बनर्जी को जांच में सहयोग करने और तीनों मामलों के संबंध में जारी किए गए नोटिस का पालन करने का निर्देश दिया गया।
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने निर्देश दिया कि इन मामलों में जांचकर्ताओं के सामने पेश होने के लिए बनर्जी को कम से कम 48 घंटे पहले नोटिस दिया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि बनर्जी जांच में सहयोग नहीं करते हैं, तो संबंधित पुलिस अधिकारी इस आदेश में बदलाव या इसे वापस लेने के लिए उच्च न्यायालय का रुख कर सकते हैं।
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि बनर्जी उच्च न्यायालय की अनुमति के बिना विदेश नहीं जाएंगे।
बनर्जी के वकील ने अदालत को बताया कि उच्चतम न्यायालय ने 10 अगस्त को चिकित्सा कारणों से उन्हें विदेश यात्रा की अनुमति दी थी।
राज्य सरकार के वकील ने दलील दी कि बनर्जी को विदेश यात्रा की अनुमति देने वाला उच्चतम न्यायालय का आदेश केवल उसी याचिका तक सीमित है, जो उसके समक्ष पेश की गई थी।
बनर्जी के वकील ने अदालत को बताया कि सांसद अभी तक विदेश नहीं गए हैं, क्योंकि उन्हें डॉक्टर से मिलने के लिए समय लेना है। उन्होंने यह भी बताया कि एक निजी बैंक ने बनर्जी का निजी बैंक खाता और उनके डेबिट तथा क्रेडिट कार्ड ‘फ्रीज’ कर दिए हैं।
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया, ‘‘आज पारित किया गया यह आदेश किसी भी तरह याचिकाकर्ता के उस अधिकार को सीमित नहीं करेगा, जिसके तहत वह 10 अगस्त 2026 को माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा उपचार के लिए विदेश जाने संबंधी पारित आदेश के अनुसार विदेश जा सकते हैं, बशर्ते कि उक्त आदेश में दी गई शर्तों का पालन किया जाए।’’
अतिरिक्त महाधिवक्ता ने उच्च न्यायालय से इस आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया, लेकिन अदालत ने यह मांग खारिज कर दी।
उच्च न्यायालय ने इससे पहले 30 जून को बनर्जी को तीन प्राथमिकियों के संबंध में पुलिस की दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण दिया था। ये प्राथमिकियां भवानीपुर, बिष्णुपुर और कालीतला थानों में दर्ज की गई थीं।
भाषा गोला मनीषा
मनीषा