नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) भाजपा ने बृहस्पतिवार को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर कचरा प्रबंधन ठेके से जुड़े ‘‘39,000 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले’’ में शामिल होने का आरोप लगाया और कहा कि इसे निविदा प्रक्रिया में गड़बड़ी तथा परियोजना की लागत में भारी बढ़ोतरी करके अंजाम दिया गया।
यह बयान कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक के उस आरोप के एक दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस सरकार ने बेंगलुरु के कचरा प्रबंधन क्षेत्र में ‘‘घोटाला’’ किया है तथा एक निजी कंपनी को कचरा प्रसंस्करण के लिए दीर्घकालिक निविदा देने के बदले 10,000 करोड़ रुपये की रिश्वत ली है।
राज्यपाल थावरचंद गहलोत से निविदा प्रक्रिया की जांच के लिए शिकायत करने वाले अशोक ने दावा किया कि ठेका एक ही कंपनी को 35 साल के लिए बहुत ज़्यादा दरों पर दिया गया जिससे राजकोष पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि यह कथित घोटाला कांग्रेस सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार के मामलों की कड़ी में सबसे नया मामला है।
पूनावाला ने आरोप लगाया, ‘‘मुडा घोटाले, ठेकेदार घोटाले, आवासीय घोटाले, शराब घोटाले और ज़मीन घोटाले के बाद, कर्नाटक अब 39,000 करोड़ रुपये के बड़े कचरा घोटाले का सामना कर रहा है।’’
उन्होंने दावा किया कि कचरा निपटान शुल्क लगभग 260 रुपये प्रति टन से बढ़कर 2,400 रुपये प्रति टन हो गया है जो लगभग 950 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
पूनावाला ने आरोप लगाया कि जहाँ पुरानी प्रणाली में 30 साल में लगभग 6,117 करोड़ रुपये का खर्च आता वहीं नए ठेके में 39,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा का खर्च आएगा।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि निविदा प्रक्रिया ‘‘पहले से तय’’ थी और बोलियां मंगाए जाने से पहले ही कुछ खास कंपनियों को फायदा पहुंचाने की एक अनौपचारिक सहमति बनी हुई थी।
इसी तरह के आरोप लगाते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कांग्रेस का मतलब लूट, लूट का मतलब कांग्रेस।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बेंगलुरु कचरे में डूब रहा है, कांग्रेस इससे ‘कमीशन’ ले रही है और मुख्यमंत्री पार्टी के भीतर हो रही बगावत को दबाने में व्यस्त हैं।’’
कर्नाटक सरकार ने अभी तक इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
भाषा
नेत्रपाल नरेश
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