(Airtel or Vi stock Best Returns/ Image Credit: Meta AI)
नई दिल्ली: Airtel or Vi stock Best Returns: भारतीय टेलीकॉम कंपनियों एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने टेलीकॉम विभाग की ओर से लगाए गए वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज (OTSC) से जुड़ी मांगों को खारिज कर दिया है। इस फैसले से दोनों कंपनियों को बड़ी राहत मिली है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इससे आने वाले समय में दोनों कंपनियों के शेयरों में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
ब्रोकरेज फर्म Nomura ने इस पूरे मामले पर अपनी रिपोर्ट जारी की है। फर्म का कहना है कि यह फैसला एयरटेल और वोडाफोन आइडिया दोनों के लिए सकारात्मक है। हालांकि कंपनी की पसंद अभी भी एयरटेल ही बनी हुई है। Nomura ने एयरटेल पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है। जबकि वोडाफोन आइडिया पर Neutral रुख अपनाया है। इसका मतलब है कि एयरटेल में बेहतर रिटर्न की संभावना मानी जा रही है। लेकिन वोडाफोन में तेज बढ़त की उम्मीद कम है।
Nomura ने भारतीय एयरटेल के लिए 2,220 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है जो मौजूदा स्तर से करीब 25% तक की संभावित बढ़त को दिखाता है। कंपनी ने पहले से ही इस विवाद से जुड़े लगभग 11,760 करोड़ रुपये का प्रावधान अपने खातों में कर रखा है। इसमें मूल राशि और ब्याज दोनों शामिल हैं। अगर अंतिम फैसला कंपनी के पक्ष में आता है तो यह पूरा पैसा वापस लिखा जा सकता है। जिसे अकाउंटिंग में ‘राइट-बैक’ कहा जाता है। हालांकि इसका सीधा असर कंपनी की नकदी पर नहीं पड़ेगा। लेकिन बैलेंस शीट मजबूत दिख सकती है।
वोडाफोन आइडिया के मामले में Nomura ने 12.60 रुपये का टारगेट प्राइस और Neutral रेटिंग दी है। कंपनी ने भी इस विवाद के लिए लगभग 7,580 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है और 3,350 करोड़ रुपये की अतिरिक्त देनदारी भी दर्ज की है। हालांकि कंपनी के लिए बड़ी चुनौती यह है कि यह राहत केवल पुराने Idea बिजनेस से जुड़ी है। पुराने Vodafone बिजनेस से संबंधित मामला अभी भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है जिससे अनिश्चितता बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वोडाफोन आइडिया के लिए सबसे जरूरी चीज फंड जुटाना, ग्राहकों की संख्या बढ़ाना और टैरिफ में बढ़ोतरी है। वहीं एयरटेल के लिए मुख्य जोखिम टैरिफ बढ़ोतरी में देरी और बढ़ती प्रतिस्पर्धा है। वहीं Nomura का कहना है कि यह कोर्ट का फैसला अभी अंतिम नहीं है क्योंकि इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। इसलिए निवेशकों को आगे आने वाले कानूनी फैसलों और कंपनी के प्रदर्शन पर नजर बनाए रखना चाहिए।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।