बेंगलुरु, 25 फरवरी (भाषा) भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने बुधवार को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर निशाना साधते हुए उन पर सरकारी नौकरियों के आंकड़ों को लेकर जनता को ‘‘गुमराह’’ करने और राज्य में बेरोजगार युवाओं की चिंताओं को दूर करने में ‘‘विफल’’ रहने का आरोप लगाया।
विजयेंद्र ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार रिक्त पदों को भरने के लिए ठोस कदम उठाने के बजाय पिछली भाजपा सरकार को दोषी ठहराकर जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है।
विजयेंद्र ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री जी, कृपया जनता को गुमराह करना बंद करें। अपनी सभी कमियों का दोष भाजपा पर डालने और जिम्मेदारी से बचने की कोशिश न करें। आपके प्रशासन की छवि अहंकार, भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन की है।’’
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि छात्र और युवा इतने भोले नहीं हैं कि वे सिद्धरमैया की बातों में आ जाएंगे। विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री के इन आंकड़ों को ‘‘अतिशयोक्तिपूर्ण दावा’’ करार दिया।
विजयेंद्र की प्रतिक्रिया मंगलवार को सिद्धरमैया के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने सरकारी नौकरियों की रिक्तियों के भारी अंबार के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को दोषी ठहराया था।
मुख्यमंत्री ने कहा था कि जब कांग्रेस ने 2023 में सत्ता संभाली थी तब 2.64 लाख से अधिक सरकारी पद रिक्त थे। उन्होंने कहा कि रिक्तियों का यह अंबार पिछली भाजपा सरकार के लंबे समय तक निष्क्रिय रहने का परिणाम है, जो समय पर भर्ती शुरू करने या रिक्तियों को भरने के लिए सुनियोजित कार्ययोजना बनाने में विफल रही।
मंगलवार को धारवाड़ में सरकारी नौकरी के इच्छुक हजारों उम्मीदवारों ने रिक्त पदों को तत्काल भरने की मांग को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया, वहीं सिद्धरमैया ने भाजपा नेताओं पर ‘‘राजनीतिक लाभ के लिए छात्रों को गुमराह करने’’ का आरोप लगाया और कहा कि 2019 और 2023 के बीच भर्ती में अनियमितताओं तथा कथित भ्रष्टाचार ने व्यवस्था में विश्वास को कम कर दिया है, जिससे वर्तमान संकट उत्पन्न हुआ है।
रोजगार सृजन पर सरकार के सार्वजनिक बयानों पर सवाल उठाते हुए विजयेंद्र ने विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों का हवाला दिया।
शिकारीपुरा के विधायक ने पूछा, ‘‘आपकी सरकार द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आपके तीन साल के कार्यकाल में केवल 8,157 सरकारी भर्तियां ही पूरी हुई हैं। फिर भी सार्वजनिक रूप से 40,000 पदों को भरने का दावा करना गंभीर चिंता का विषय है। क्या यह राज्य के बेरोजगार युवाओं को गुमराह करने के बराबर नहीं है?’’
भाजपा नेता ने सरकारी विभागों में बड़े पैमाने पर रिक्तियों का मुद्दा भी उठाया और दावा किया कि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद भी लाखों पद खाली पड़े हैं।
भाषा सुरभि मनीषा
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