भाजपा ने बंगाल में ‘समानांतर सरकार’ और संवैधानिक संकट का आरोप लगाया

भाजपा ने बंगाल में 'समानांतर सरकार' और संवैधानिक संकट का आरोप लगाया

भाजपा ने बंगाल में ‘समानांतर सरकार’ और संवैधानिक संकट का आरोप लगाया
Modified Date: January 11, 2026 / 09:37 pm IST
Published Date: January 11, 2026 9:37 pm IST

कोलकाता, 11 जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने रविवार को आरोप लगाया कि राज्य में ‘समानांतर सरकार’ चल रही है और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के शासन में संवैधानिक शासन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि चुनी हुई सरकार अब वास्तविक अधिकार का प्रयोग नहीं कर पा रही है।

भट्टाचार्य आठ जनवरी को राजनीतिक सलाहकार फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापे का जिक्र कर रहे थे, जब छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अचानक राजनीतिक परामर्श फर्म के कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास का दौरा किया था।

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उन्हें जैन के आवास से कई दस्तावेजों, जिनमें एक हरी फाइल भी शामिल थी, के साथ बाहर आते देखा गया था। सूत्रों के अनुसार तृणमूल को राजनीतिक परामर्श देने वाली आई-पैक के कार्यालय में तलाशी के दौरान कई फाइलें बाहर लाई गईं और मुख्यमंत्री के वाहन में रखी गईं।

भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि ‘संवैधानिक ढांचे से बाहर कोई व्यक्ति या निजी एजेंसी’ लंबे समय से प्रशासन चला रही है, पुलिस को निर्देश जारी कर रही है और पंचायत संबंधी निर्णयों को प्रभावित कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री कुर्सी पर बैठी हैं, लेकिन सरकार कहीं और से चलाई जा रही है। यह न केवल गैरकानूनी है, बल्कि बंगाल की जनता के साथ विश्वासघात है।’’

भट्टाचार्य ने कथित कोयला घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा एक निजी कार्यालय पर की गई छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप पर सवाल उठाया।

राज्य भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बनर्जी ने वरिष्ठ नौकरशाहों और पुलिस महानिदेशक की मदद से केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों से जबरन ‘हरी फाइल’ छीन ली।

सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका जताते हुए भट्टाचार्य ने सवाल उठाया कि क्या फाइलों में कोयला घोटाले, हवाला लेनदेन और गोवा से जुड़े धन के लेन-देन से संबंधित कोई जानकारी है।

ईडी ने आरोप लगाया कि दिल्ली आबकारी शुल्क नीति ‘घोटाले’ से प्राप्त 45 करोड़ रुपये की रिश्वत का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी (आप) ने 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए किया था। एजेंसी ने दावा किया कि प्रतीक जैन ने गोवा में आई-पैक के संचालन का जिम्मा संभाला था।

भट्टाचार्य ने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार के अधिकारियों द्वारा आधिकारिक तौर पर स्वीकार किए गए दस्तावेजों से कहीं अधिक दस्तावेज हटाए गए होंगे।

उन्होंने पूछा, ‘‘आईपीएस अधिकारियों और राज्य द्वारा मुहैया कराए गए अंगरक्षकों को किराए के बाउंसरों की तरह क्यों इस्तेमाल किया गया?’’

भाजपा नेता ने शनिवार को पुरुलिया से लौटते समय विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी पर हुए कथित हमले की भी निंदा की।

भट्टाचार्य ने दावा किया कि राज्य प्रशासन के शीर्ष अधिकारी पार्टी कार्यकर्ताओं की तरह काम कर रहे हैं और उन पर असंवैधानिक कृत्यों में सहायता करने का आरोप लगाया।

आई-पैक पर छापेमारी के मामले में मुख्यमंत्री की भूमिका और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी पर हाल ही में हुए हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में संवैधानिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।’’

पिछले महीने फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी के कार्यक्रम के बाद साल्ट लेक स्टेडियम में हुई अराजकता पर भाजपा नेता ने कहा कि डीजीपी को केवल ‘दर्शकों को धन वापसी का सुझाव देने’ के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।

भाजपा नेता ने राज्य सरकार पर केंद्र सरकार की कल्याणकारी और अवसंरचना परियोजनाओं, जिनमें 43 रेलवे परियोजनाएं और आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना शामिल हैं, को बाधित करने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने दावा किया कि आयुष्मान कार्ड लागू न होने के कारण पश्चिम बंगाल के लगभग 40 लाख प्रवासी श्रमिकों को राज्य के बाहर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

भट्टाचार्य ने आगे आरोप लगाया कि निवेश और सुरक्षा की कमी के कारण 3,500 से अधिक कंपनियों ने अपने मुख्यालय पश्चिम बंगाल से बाहर स्थानांतरित कर दिए हैं और सुरक्षा तथा निवेश के अभाव में विद्यार्थियों और श्रमिकों का पलायन हुआ है।

तृणमूल सरकार को ‘निरंकुश’, संविधान विरोधी और प्रतिशोध में लिप्त बताते हुए भट्टाचार्य ने दावा किया कि पिछले 14 वर्षों में राज्य में 300 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की जा चुकी है और विपक्ष की आवाज को सुनियोजित तरीके से दबाया जा रहा है।

राज्य में आगामी कुछ माह में विधानसभा चुनाव होने है।

भाषा संतोष पवनेश

पवनेश


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