कर्नाटक में पशु चिकित्सक भर्ती में 400 करोड़ रुपये के घोटाले का भाजपा का आरोप, सीबीआई जांच की मांग

कर्नाटक में पशु चिकित्सक भर्ती में 400 करोड़ रुपये के घोटाले का भाजपा का आरोप, सीबीआई जांच की मांग

कर्नाटक में पशु चिकित्सक भर्ती में 400 करोड़ रुपये के घोटाले का भाजपा का आरोप, सीबीआई जांच की मांग
Modified Date: July 28, 2026 / 07:05 pm IST
Published Date: July 28, 2026 7:05 pm IST

बेंगलुरु, 28 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने मंगलवार को पशु चिकित्सकों की भर्ती में 400 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि ‘‘मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार को इसमें कितना हिस्सा मिला है’’।

विजयेंद्र ने पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित बड़े घोटाले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की भी मांग की।

बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में मंगलवार को कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के अभ्यर्थियों के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में विजयेंद्र ने कहा कि भ्रष्टाचार, भ्रष्टाचार होता है, चाहे भर्ती प्रक्रिया किसी भी सरकार के कार्यकाल में हुई हो।

इस प्रदर्शन में राज्य विधान परिषद में विपक्ष के नेता सी. नारायणस्वामी समेत कई भाजपा नेता भी शामिल हुए।

विजयेंद्र ने राज्य सरकार पर मामले को सीबीआई को सौंपने में अनिच्छा दिखाने का आरोप लगाते हुए सवाल किया, ‘‘पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित 400 करोड़ रुपये के घोटाले में से मुख्यमंत्री और राज्य सरकार को कितना हिस्सा मिला? कांग्रेस सरकार बच्चों के भविष्य के साथ क्यों खिलवाड़ कर रही है?’’

उन्होंने भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए केपीएससी में सुधार की मांग की और इस मुद्दे पर विधानसभा में एक विस्तृत चर्चा कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्यभर से युवा कथित केपीएससी घोटाले के विरोध में एकत्रित हुए हैं।

विजयेंद्र ने कहा, ‘‘यह 400 करोड़ रुपये का घोटाला है। इतने बड़े घोटाले की जांच किसी आंतरिक समिति को कैसे सौंपी जा सकती है? जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो आंतरिक जांच से न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती।’’

उन्होंने राज्य में अपनाई जा रही परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हुए सवाल किया कि कर्नाटक सरकार ऐसी भर्ती प्रक्रिया क्यों लागू कर रही है, जिसे देश में कहीं और नहीं अपनाया जाता।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह व्यवस्था भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और अवैध लाभ कमाने के उद्देश्य से बनाई गई है।

इस बीच, कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने मंगलवार को कहा कि 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले अपराध जांच विभाग (सीआईडी) को सौंप दिए गए हैं।

केपीएससी उस समय विवादों में घिर गया, जब राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 13 जुलाई को केपीएससी अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहूकर को निलंबित कर दिया था, जिनपर आरोप है कि उन्होंने अपनी दो बेटियों के औद्योगिक विस्तार अधिकारी के पद पर अवैध चयन में मदद की थी।

भाषा अमित सुरेश

सुरेश


लेखक के बारे में