भाजपा ने केरल विधानसभा में ‘वंदे मातरम्’ पूरा नहीं गाए जाने को राज्यपाल का ‘अपमान’ बताया

भाजपा ने केरल विधानसभा में ‘वंदे मातरम्’ पूरा नहीं गाए जाने को राज्यपाल का ‘अपमान’ बताया

भाजपा ने केरल विधानसभा में ‘वंदे मातरम्’ पूरा नहीं गाए जाने को राज्यपाल का ‘अपमान’ बताया
Modified Date: May 29, 2026 / 11:45 am IST
Published Date: May 29, 2026 11:45 am IST

तिरुवनंतपुरम, 29 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि शुक्रवार को राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान केरल विधानसभा में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ पूरा नहीं गाया गया, जो लोक भवन का ‘‘अपमान’’ है।

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के केरल विधानसभा में नीति संबंधी अभिभाषण से पहले और बाद में एक बैंड ने ‘वंदे मातरम्’ के शुरुआती अंतरे प्रस्तुत किए।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और कझक्कूट्टम से विधायक वी. मुरलीधरन ने कहा कि जिन कार्यक्रमों में राज्यपाल शामिल होते हैं, वहां केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ पूरा गाया जाना चाहिए, लेकिन केरल विधानसभा में ऐसा नहीं किया गया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह लोक भवन और राज्यपाल का अपमान है। 150वीं वर्षगांठ मना रहे राष्ट्रगीत का भी अनादर किया गया है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि वी डी सतीशन के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार ने ‘‘जमात-ए-इस्लामी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के दबाव में ऐसा किया है।’’

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘इससे साफ है कि सरकार उनके इस तर्क को स्वीकार कर रही है कि राष्ट्रगीत धर्मनिरपेक्षता के अनुरूप नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि सतीशन को स्पष्ट करना चाहिए कि कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ से दूरी बनाना कब से शुरू किया, जिसे पहली बार 1896 के कांग्रेस अधिवेशन में गाया गया था।

मुरलीधरन ने कहा, ‘‘हम इसका कड़ा विरोध दर्ज कराते हैं।’’

इससे पहले, यूडीएफ मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह में ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण गायन को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

वामंपथी दलों भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और माकपा ने इसके पूर्ण गायन पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि यह एक धर्मनिरपेक्ष और बहुलतावादी समाज में उचित नहीं है।

भाषा गोला सिम्मी

सिम्मी


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