नगर निकाय प्रमुखों के चुनाव में भाजपा सरकार ने बेईमानी, बेशर्मी की सारी हदें पार कीं:गहलोत

नगर निकाय प्रमुखों के चुनाव में भाजपा सरकार ने बेईमानी, बेशर्मी की सारी हदें पार कीं:गहलोत

नगर निकाय प्रमुखों के चुनाव में भाजपा सरकार ने बेईमानी, बेशर्मी की सारी हदें पार कीं:गहलोत
Modified Date: September 21, 2026 / 09:15 pm IST
Published Date: September 21, 2026 9:15 pm IST

जयपुर, 21 सितंबर (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को नगर निकाय प्रमुखों के चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसने चुनाव में बेईमानी और बेशर्मी की सारी हदें पार कर दीं।

गहलोत ने कहा, “पूरा प्रदेश स्तब्ध है। राजस्थान में कभी ऐसा होगा, किसी ने सोचा भी नहीं था।”

उन्होंने कहा, “राजस्थान में नगर निकाय प्रमुखों के चुनाव में भाजपा सरकार ने बेईमानी और बेशर्मी की सारी हदें पार कर दीं। उसने नगर निकायों में अपने बोर्ड बनाने के लिए सारी मर्यादाओं और नियम-कानूनों को तार-तार कर दिया।”

गहलोत ने आरोप लगाया, “भाजपा सरकार ने सरकारी मशीनरी, पुलिस और पूरा प्रशासन लगाकर लोकतंत्र की खुलेआम लूट की है। शायद ही कोई निकाय बचा हो, जहां भाजपा ने सत्ता और धनबल के दम पर जनमत को कुचलने का प्रयास न किया हो।”

राजस्थान में 309 नगर निकायों में से 305 के अध्यक्ष पदों के लिए चुनाव सोमवार को हुआ।

गहलोत ने आरोप लगाया, “राजस्थान में एक-एक पार्षद के लिए दो-दो करोड़ रुपये तक की बोली लगाई गई। कांग्रेस पार्षदों को कभी उनके घर को अवैध बताकर नोटिस भेजा गया, कभी उनके प्रतिष्ठानों को सील किया गया, नये-नये मुकदमे दायर कर पुलिस के सामने पेश होने के नोटिस थमाए गए, बाड़ेबंदी में रुके पार्षदों के कैंप में पुलिस भेजकर उन्हें जबरन उठाया गया।”

उन्होंने कटाक्ष किया, “भाजपा सरकार के इन कृत्यों के कारण कल रात 12 बजे तक राजस्थान उच्च न्यायालय को सुनवाई कर चुनाव से जुड़ी याचिकाओं का निस्तारण करना पड़ा, जिसमें भाजपा सरकार को अदालत से करारा तमाचा लगा।”

गहलोत ने दावा किया, “यह सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा की पुलिस के जरिये भी राज्य के निर्वाचित पार्षदों को भाजपा के पक्ष में ले जाने का काम किया गया।”

उन्होंने कहा कि अब तक जिस तरह की ‘खरीद-फरोख्त’ और एजेंसियों के दुरुपयोग की तस्वीरें हम पश्चिम बंगाल में देख रहे थे, वही घिनौना खेल अब राजस्थान के नगर निकाय चुनावों में खुलकर सामने आ गया है।

भाषा

पृथ्वी पारुल

पारुल


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