कोलकाता, 27 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल में रविवार को उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के ‘‘जल्द दुनिया से चले जाने’’ की कामना की और उन नेताओं का जिक्र किया, जिनकी या तो हत्या कर दी गयी या जिनकी दुर्घटनाओं में मौत हुई थी।
उनकी इस टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
मुर्शिदाबाद में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कबीर ने उन नेताओं का जिक्र किया, जिनकी अप्राकृतिक मौत हुई थी।
कबीर ने कहा कि वह चाहते हैं कि अधिकारी मुख्यमंत्री पद पर न रहें और पूर्व मुख्यमंत्री बन जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद भाजपा नेता ‘‘अहंकारी’’ हो गए हैं और उनके नेतृत्व वाली सरकार में अल्पसंख्यकों को परेशान किया जा रहा है।
ये टिप्पणियां छह अक्टूबर को होने वाले रेजीनगर उपचुनाव से पहले मुर्शिदाबाद में बढ़ी राजनीतिक गतिविधियों के बीच आई हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव में नौदा सीट बरकरार रखने के बाद कबीर ने रेजीनगर सीट खाली कर दी थी, जिसके कारण वहां उपचुनाव हो रहा है।
भाजपा ने इन टिप्पणियों को लेकर कबीर पर पलटवार किया। स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखोपाध्याय ने उनकी टिप्पणियों की निंदा की और कहा कि राजनीतिक मतभेद किसी प्रतिद्वंद्वी की मौत की कामना को उचित नहीं ठहरा सकते।
मुखोपाध्याय ने कहा, ‘‘बंगाल में राजनीतिक शिष्टाचार का स्तर बेहद नीचे गिर गया है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि कोई इतनी बेशर्मी से इस तरह की बात कह सकता है। हो सकता है कि वह शुभेंदु अधिकारी को पसंद नहीं करते हों या उनकी नीतियों से असहमत हों, लेकिन क्या कोई किसी की मौत की कामना कर सकता है? मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।’’
भाषा गोला नरेश
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