भाजपा ने ‘अशिक्षित’ वाली टिप्पणी के लिए खरगे पर साधा निशाना

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भाजपा ने ‘अशिक्षित’ वाली टिप्पणी के लिए खरगे पर साधा निशाना

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  • Publish Date - April 7, 2026 / 08:06 PM IST,
    Updated On - April 7, 2026 / 08:06 PM IST

(फोटो सहित)

नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से गुजरात और कुछ अन्य राज्यों के लोगों के बारे में कथित टिप्पणियों के लिए माफी की मांग करते हुए मंगलवार को कहा कि यह टिप्पणी ‘‘शर्मनाक, अपमानजनक और बेहद निंदनीय’’ थी।

सत्तारूढ़ दल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा की तुलना ‘‘जहरीले सांपों’’ से करने वाले खरगे के कथित बयान की भी निंदा की और उन्हें ‘‘बेहद आपत्तिजनक’’ तथा स्वीकार्य राजनीतिक संवाद की सीमाओं से परे बताया।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस नेताओं -राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा- से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या वे खरगे के बयान से सहमत हैं।

केरल के इडुक्की जिले में रविवार को एक चुनावी रैली में खरगे ने कहा था कि राज्य के लोग ‘‘शिक्षित और समझदार’’ हैं और उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता है, जबकि गुजरात और कुछ अन्य स्थानों के लोग ‘‘अशिक्षित’’ हैं।

प्रसाद ने कहा, ‘‘क्या वे इस बयान से सहमत हैं? अगर राहुल गांधी में थोड़ी भी समझ है, तो उन्हें इस टिप्पणी से खुद को अलग कर लेना चाहिए, इसकी निंदा करनी चाहिए और माफी की मांग करनी चाहिए।’’

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी के बाद खरगे ‘‘कांग्रेस अध्यक्ष बने रहने के योग्य नहीं’’ हैं। भाजपा नेता ने यह भी सवाल उठाया कि क्या खरगे ने इस पद से जुड़ी “सारी गरिमा त्याग दी है?’’

उन्होंने कहा, ‘‘जिस पद पर वह आसीन हैं, उस पद पर कभी जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मौलाना आजाद, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी जैसे नेता रह चुके हैं। ऐसे पद पर आसीन व्यक्ति (आखिर) किस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहा है? खरगे की टिप्पणी न केवल अपमानजनक है, बल्कि शर्मनाक और बेहद निंदनीय है।’’

प्रसाद ने कहा, ‘‘जब एक राष्ट्रीय पार्टी का अध्यक्ष पूरे राज्य के लोगों को अशिक्षित कहता है तो इसका क्या मतलब निकलता है? मैं पार्टी के राष्ट्रीय मंच से एक गंभीर सवाल पूछना चाहता हूं।’’

उन्होंने कहा कि गुजरात में कई राष्ट्रीय नेता और बुद्धिजीवी हुए हैं तथा राज्य की साक्षरता दर में पिछले कुछ वर्षों में सुधार हुआ है और यह लगभग 82 प्रतिशत है।

पटना साहिब से सांसद प्रसाद ने पूछा, ‘‘खरगे ने कहा कि गुजराती लोग अशिक्षित हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता में बने रहने के लिए उन्हें गुमराह किया है, जबकि केरल के लोग शिक्षित हैं। अगर आप प्रधानमंत्री से नफरत करते हैं, तो क्या आप बिना सोचे-समझे कुछ भी कहेंगे?’’

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष से गुजरात, बिहार और उत्तर प्रदेश की जनता से माफी मांगने की मांग की। प्रसाद ने कहा, ‘‘खरगे, आपको देश से माफी मांगनी चाहिए। भाजपा की ओर से हम मांग करते हैं कि आप गुजरात के लोगों को निरक्षर कहने के लिए माफी मांगें।’’

उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी ‘‘विभाजनकारी’’ है और एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष के लिए अशोभनीय है।

खरगे द्वारा भाजपा और आरएसएस के विरुद्ध की गई टिप्पणी पर प्रसाद ने कहा कि उनकी टिप्पणी ‘‘देशभक्त संगठनों’’ को बदनाम करने का प्रयास है। प्रसाद ने कहा, ‘‘उन्होंने (खरगे ने) बेहद आपत्तिजनक बयान दिया।’’

उन्होंने कहा, “आपने खुलेआम और बेशर्मी से मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को भड़काकर सांप्रदायिक आग को भड़काने की कोशिश की है। लोगों को नमाज छोड़कर सांप से निपटने की तरह ‘मारने’ का सुझाव देना, इससे ज़्यादा शर्मनाक या घृणित और क्या हो सकता है?”

सोमवार को असम में चुनाव प्रचार के दौरान, खरगे ने कथित तौर पर कुरान का हवाला देते हुए कहा कि अगर आपके सामने से कोई जहरीला सांप गुजर रहा हो, तो नमाज पढ़ते हुए भी आपको नमाज छोड़कर उस जहरीले सांप को मार देना चाहिए। खरगे ने कथित तौर पर कहा, ‘‘आरएसएस और भाजपा जहरीले सांप हैं।’’

प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व द्वारा दशकों से की जा रही आलोचना के बावजूद, आरएसएस ने अपनी उपस्थिति और प्रभाव का विस्तार करना जारी रखा है।

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘राहुल गांधी, आपके पिता, आपकी माता, आपकी दादी और आपके परदादा, सभी सत्ता में आने के बाद से आरएसएस की आलोचना करते रहे हैं। वे बार-बार इसकी आलोचना करते रहे। फिर भी, देखिए आज आरएसएस कहां पहुंच गया है।’’

प्रसाद ने कहा, “संसद में इसके कई स्वयंसेवक बैठे हैं। देश के प्रधानमंत्री भी स्वयंसेवक हैं।”

पूर्व मंत्री ने कहा कि इन टिप्पणियों से कांग्रेस का पतन और तेज होगा। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी डूब जाएगी। उसे करारी हार का सामना करना पड़ेगा। अगर उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष ऐसे बयान देते हैं, तो कांग्रेस पार्टी का जो थोड़ा-बहुत भविष्य बचा है, वह भी खत्म हो जाएगा।’’

प्रसाद ने कहा, ‘‘ऐसे शब्दों का इस्तेमाल तो आरएसएस के कट्टर-विरोधी वामपंथी दल भी नहीं करते। माओवादी भी ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं करते। मुझे नहीं पता कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने किस तरह की महान शख्सियत को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया है।’’

भाषा आशीष सुरेश

सुरेश