नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी की सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र करते हुए बृहस्पतिवार को दावा किया कांग्रेस फिर से ‘‘टुकड़े-टुकड़े मोड’’ में है और उन लोगों की कोई पार्टी में अहमियत नहीं है जो ‘‘परिवार’’ को सबसे ऊपर नहीं रखते।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने पार्टी की पंजाब इकाई में नए कार्यकारी अध्यक्षों और विभिन्न चुनाव समितियों के प्रमुखों की नियुक्तियों में खुद को ‘नजरअंदाज किए जाने’ पर बृहस्पतिवार को कहा कि काश ! उनके पास ‘‘व्यक्तियों और संस्थाओं की असुरक्षा’’ का कोई ‘एंटीडोट’ (प्रतिरोधक) होता।
तिवारी को पंजाब कांग्रेस के हालिया संगठनात्मक पुनर्गठन में कोई जिम्मेदारी नहीं मिली है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला के अनुसार, कांग्रेस कई राज्यों में अंदरुनी गुटबाजी का सामना कर रही है।
पूनावाला ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘कर्नाटक में डी.के. शिवकुमार और सिद्धरमैया के बीच खींचतान से पार्टी बंट गई है। हमने राजस्थान में पायलट और गहलोत के बीच, छत्तीसगढ़ में और अब पंजाब में भी झगड़ा देखा है, जहां मनीष तिवारी ने उन्हें बीच मझधार में छोड़ने के लिए कांग्रेस पार्टी पर खुलकर हमला किया है।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘कांग्रेस फिर से टुकड़े-टुकड़े मोड में है।’’
पूनावाला ने दावा किया कि तिवारी वाला पूरा मामला दिखाता है कि वरिष्ठ नेताओं की कोई अहमियत नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘वह (तिवारी) कई बार के सांसद हैं, फिर भी उन्हें मझधार में छोड़ दिया गया। इससे पता चलता है कि कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं की कोई कद्र नहीं है, खासकर उनकी जो ‘परिवार’ को सबसे ऊपर नहीं रखते।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के अंदर यह भावना बढ़ रही है कि राहुल गांधी ‘‘उपयुक्त नेता नहीं’’ हैं।
पूनावाला ने आरोप लगाया, ‘‘उनकी (राहुल गांधी) कोई नीति नहीं है, कोई नेतृत्व नहीं है, कोई मिशन नहीं है और कोई विज़न नहीं है। इसलिए, पार्टी टूट की ओर बढ़ रही है।’’
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस में ‘राहुल खेमा बनाम प्रियंका खेमा’ की आपसी खींचतान चल रही है।
उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी न तो खुद को और न ही अपने सहयोगियों को एकजुट रख पा रही है।
भाषा शफीक नरेश
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