मुंबई, दो जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र विधानसभा में बृहस्पतिवार को विपक्ष के सदस्यों ने कहा कि कांग्रेस विधायक साजिद पठान को गैंगस्टर शुभम लोनकर से रंगदारी की धमकी मिली है। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
बाद में, उन्होंने किसानों की आत्महत्या के मुद्दे पर चर्चा की मांग की और विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर द्वारा मांग अस्वीकार किए जाने के विरोध में सदन से बहिर्गमन किया।
कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि पठान को बुधवार रात अमेरिका में रहने वाले गैंगस्टर शुभम लोनकर (जो लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य बताया जाता है) से रंगदारी के लिए फोन आया।
उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक दिन पहले सदन में कहा था कि देश के बाहर और अंदर से काम करने वाले गिरोहों को फलने-फूलने नहीं दिया जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मत्स्य पालन मंत्री नितेश राणे ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही विधानसभा को भरोसा दिला चुके हैं कि सभी विधायकों की सुरक्षा सरकार की ज़िम्मेदारी है और कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विपक्ष पर मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘शिकायत दर्ज कराएं, कार्रवाई की जाएगी।’’
वहीं, पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई ने विपक्ष से रंगदारी की धमकी से संबंधित फोन के बारे में पूरी जानकारी देने को कहा और कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
साजिद पठान ने बताया कि जब उन्हें पहली बार धमकी मिली थी, तो मुख्यमंत्री ने उन्हें (उसी दिन) आधी रात के आसपास फ़ोन किया, सुरक्षा का भरोसा दिलाया और उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई गई।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन फिर से धमकी भरे फ़ोन आ रहे हैं। आख़िर हो क्या रहा है? मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि गिरोहों को खत्म कर दिया जाएगा और कुछ ही घंटों बाद मुझे रंगदारी के लिए फ़ोन आता है। मैं धमकियों से डरता नहीं हूं।’’
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए अध्यक्ष नार्वेकर ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि खतरे का आकलन करने के बाद उचित सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
कांग्रेस सदस्य वडेट्टीवार और नाना पटोले ने किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विधानसभा के मॉनसून सत्र के बीच बुधवार को लातूर में दो किसानों ने आत्महत्या कर ली।
वडेट्टीवार ने चर्चा की मांग करते हुए कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान किसानों की मौत कृषि संकट की गंभीरता को दर्शाती है। उन्होंने सरकार से तत्काल जवाब की मांग की।
कांग्रेस नेता ने कहा कि किसानों की आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं, बढ़ते आर्थिक संकट और किसानों से जुड़े अनसुलझे मुद्दों पर सदन में तत्काल और विस्तृत चर्चा की ज़रूरत है।
विपक्ष के सदस्य किसानों की आत्महत्या के मुद्दे पर बोलना चाहते थे, लेकिन अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नहीं दी।
विपक्ष ने किसानों की आत्महत्या के मुद्दे को सर्वाधिक प्राथमिकता वाला बताते हुए विरोध में सदन से बहिर्गमन किया।
विपक्षी सदस्यों ने कहा कि अध्यक्ष द्वारा इस मामले पर चर्चा की अनुमति न दिए जाने की वजह से उन्होंने ऐसा कदम उठाया।
भाषा
नेत्रपाल पवनेश
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