नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) भाजपा ने बुधवार को कांग्रेस नेता जयराम रमेश के इस आरोप को खारिज कर दिया कि सत्तारूढ़ पार्टी लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करके आरक्षण खत्म करना चाहती है, और कहा कि सुधार लागू करने के लिए बड़ा जनादेश हासिल करने में कुछ भी गलत नहीं है।
भाजपा ने कांग्रेस नेता द्वारा जवाहरलाल नेहरू को भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री बताए जाने पर भी आपत्ति जताई।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बुधवार को ‘पीटीआई-वीडियो’ को दिए साक्षात्कार में आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी सरकार महिला आरक्षण लागू करने के नाम पर दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसके पीछे का असली मकसद अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के आरक्षण को समाप्त करना है।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में यह भी कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री हैं और सरदार वल्लभ भाई पटेल दूसरे ऐसे नेता थे, जो सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री हो सकते थे, हालांकि वह इस पद तक नहीं पहुंच सके।
इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तरक्की और विकास कर रहा है, वहीं कांग्रेस के पास आलोचना करने के अलावा कुछ खास नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस के पास आलोचना के अलावा कुछ नहीं है। जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तरक्की और विकास कर रहा है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता बेबुनियाद आरोप लगाते रहते हैं।’’
हुसैन ने कहा कि देश के युवा मोदी को एक आदर्श एवं संरक्षक मानते हैं, और प्रधानमंत्री उनके कल्याण और भविष्य के लिए काम करते हैं।
हुसैन ने रमेश पर निशाना साधते हुए उनकी तुलना कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर से की और कहा कि जिस तरह अतीत में अय्यर की टिप्पणियों से पार्टी को नुकसान पहुंचा था, उसी तरह रमेश भी अब वैसा ही कर रहे हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने भी रमेश की टिप्पणी का जवाब देते हुए ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि भाजपा के लिए बड़ा जनादेश जुटाने को लेकर माफी मांगने की कोई वजह नहीं है, क्योंकि लोकतंत्र में सुधार लाने के लिए संख्या बल जरूरी है।
उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र असल में संख्याओं का खेल है। पिछले 78 वर्षों में कई मौकों पर, संख्याओं ने या तो बदलाव लाने में मदद की है या फिर काम बिगाड़ने का काम किया है।’’
सिन्हा ने कहा कि लोग कुछ क्षेत्रीय पार्टियों के कामकाज से लगातार निराश हो रहे हैं इसलिए विपक्षी पार्टियों को आत्म-मंथन करना चाहिए कि उनके अपने नेता और सांसद क्यों उनके नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
सिन्हा ने नेहरू की प्रशंसा करने के लिए रमेश की आलोचना करते हुए इसे ‘‘बहुत ज्यादा चापलूसी’’ बताया और भारत के पहले प्रधानमंत्री के बारे में कांग्रेस नेता के आकलन पर सवाल उठाए।
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि नेहरू के नेतृत्व में भारत को बड़े झटके लगे, जिसमें चीन के हाथों जमीन गंवाना और 1962 की लड़ाई में हार शामिल है।
सिन्हा ने नेहरू की आर्थिक नीतियों की भी आलोचना की और कहा कि समाजवाद के प्रति उनके ‘‘झुकाव’’ के कारण आर्थिक सुधारों में देरी हुई और दशकों तक भारत की विकास दर पर बुरा असर पड़ा।
सिन्हा ने कहा, ‘‘नेहरू को सबसे अच्छा प्रधानमंत्री कहना मजाक है।’’
भाजपा के राज्यसभा सदस्य मनन कुमार मिश्रा ने भी नेहरू के बारे में रमेश की तारीफ को खारिज कर दिया और आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता का आकलन देश के नजरिए के बजाय पार्टी के नजरिए को दर्शाता है।
भाषा शफीक माधव
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