‘भारत जोड़ो’ यात्रा से भाजपा और आरएसएस परेशान : जयराम रमेश

‘भारत जोड़ो’ यात्रा से भाजपा और आरएसएस परेशान : जयराम रमेश

‘भारत जोड़ो’ यात्रा से भाजपा और आरएसएस परेशान : जयराम रमेश
Modified Date: November 29, 2022 / 08:41 pm IST
Published Date: September 24, 2022 5:41 pm IST

(फोटो के साथ)

अहमदाबाद, 24 सितंबर (भाषा) कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने शनिवार को दावा किया कि राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को परेशान कर दिया है तथा इसने संघ प्रमुख को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचने के लिए मजबूर किया है।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने दो दिन पहले दिल्ली की एक मस्जिद का दौरा किया था।

रमेश ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो’ यात्रा शुरू होने के बाद से ही भाजपा और आरएसएस दोनों घबराए हुए हैं। भागवत विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से भी मिल रहे हैं। यह हमारी पहल का असर है।’’

भागवत ने इस सप्ताह अखिल भारतीय इमाम संगठन के प्रमुख उमर अहमद इलियासी के साथ भी चर्चा की थी।

रमेश ने कहा, ‘भागवत का दौरा पब्लिसिटी स्टंट के अलावा और कुछ नहीं था। हालांकि वह मस्जिद गए थे, लेकिन उनके इरादे अच्छे नहीं थे। यह सिर्फ दिखावा था, क्योंकि वह वास्तविक मुद्दों पर चुप रहते हैं।’

यह पूछे जाने पर कि राहुल गांधी की यात्रा भाजपा शासित गुजरात से क्यों नहीं गुजरेगी, जहां दिसंबर में विधानसभा चुनाव होना है, रमेश ने कहा कि अभियान चुनाव केंद्रित नहीं है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि यात्रा कार्यक्रम में गुजरात को शामिल करना भी संभव नहीं था क्योंकि यात्रा को राज्य तक पहुंचने में 90 दिन लगते और तब तक चुनाव खत्म हो चुका होगा।

रमेश ने कहा, ‘भारत जोड़ो यात्रा का चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है, कम से कम गुजरात और अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव से नहीं। हालांकि, यह निश्चित रूप से 2024 के लोकसभा चुनाव को प्रभावित करेगी।’ उन्होंने कहा कि मजबूत कांग्रेस विपक्ष को भी मजबूत करेगी।

राज्यसभा सदस्य ने कहा, ‘भारत जोड़ो यात्रा विपक्ष को एकजुट करने के उद्देश्य से नहीं निकाली जा रही है। लोग अब महसूस कर रहे हैं कि अगर कांग्रेस कमजोर रहती है, तो एकजुट विपक्ष का कोई मतलब नहीं है।’

उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य भाजपा शासन में देश को टूटने से रोकना है।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘भारत कमजोर होता जा रहा है। चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भाषा बदलती है और जाति, धर्म तथा भाषा के आधार पर लोगों का ध्रुवीकरण करने का प्रयास किया जाता है। यह यात्रा भारतीय राजनीति के दिशा को बदल देगी। इससे कांग्रेस को नयी मजबूती भी मिलेगी।’’

भाषा नेत्रपाल पवनेश

पवनेश


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