बेंगलुरु, 19 अगस्त (भाषा) कर्नाटक के अनुसूचित जनजाति (एसटी) विकास निगम घोटाले में मंत्री बी. नागेंद्र की कथित भूमिका का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने बुधवार को विधान सौध परिसर में प्रदर्शन किया और उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की।
पार्टी राज्य विधानसभा और विधान परिषद के भीतर भी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है।
कर्नाटक विधानमंडल के दोनों सदनों में इस मुद्दे को लेकर हंगामा जारी है, जिसके कारण बार-बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष ने कहा है कि जब तक मंत्री इस्तीफा नहीं देते, वह सदन की कार्यवाही चलने नहीं देगा।
विधायक बुधवार को विधान सौध परिसर में पूर्व मुख्यमंत्री केंगल हनुमंतैया की प्रतिमा के पास एकत्र हुए।
हाथों में तख्तियां लिए विधायकों ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र और विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक के नेतृत्व में नागेंद्र को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के खिलाफ नारे लगाए।
बाद में संवाददाताओं से बातचीत में भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ कांग्रेस एक मंत्री को बचाने के लिए विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चलने दे रही है।
अशोक ने पूछा, ‘क्या राज्य के खजाने से 187 करोड़ रुपये निकालकर, खजाने को बंद करके और वंचित समुदाय के विकास के लिए रखे गए पैसों को 600 बैंक खातों में हस्तांतरित करना संभव है?’
विजयेंद्र ने कहा कि पार्टी नेता पिछले दो दिनों से राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में उपायुक्तों के कार्यालयों के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री को हटाए जाने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा, ‘मैं मुख्यमंत्री से पूछता हूं कि वह किसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं? मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शिवकुमार ने कहा था कि वह किसी भी हाल में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेंगे और जो कोई भी भ्रष्टाचार में शामिल होगा, उसे जेल भेजा जाएगा, लेकिन अब आप किसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं और आपने नागेंद्र को मंत्रिमंडल में क्यों शामिल किया है?’
कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में पैसे के गबन के आरोपों के बाद सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली पिछली कैबिनेट से इस्तीफा देने वाले नागेंद्र को तीन अगस्त को शिवकुमार के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया।
इस मामले में ईडी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दाखिल आरोप-पत्र में नागेंद्र का नाम शामिल है।
भाषा
शुभम देवेंद्र
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