दिल्ली सरकार ने आर-3 में उत्तीर्ण होने की अनिवार्यता वाला कक्षा नौ से जुड़ा नियम हटाया

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दिल्ली सरकार ने आर-3 में उत्तीर्ण होने की अनिवार्यता वाला कक्षा नौ से जुड़ा नियम हटाया

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  • Publish Date - August 19, 2026 / 09:39 PM IST,
    Updated On - August 19, 2026 / 09:39 PM IST

नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) दिल्ली सरकार ने संशोधित कक्षा नौ परीक्षा और पदोन्नति नीति में उस प्रावधान को वापस ले लिया है, जिसके तहत पिछली कक्षा में चुनी गई तीसरी भाषा (आर-3) में उत्तीर्ण नहीं होने वाले छात्रों को कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए अयोग्य माना जाता था।

इससे पहले, शिक्षा निदेशालय ने कहा था कि कक्षा 9 में आर-3 में असफल होने वाले छात्रों को अन्य पदोन्नति मानदंड पूरे करने पर अगली कक्षा में भेजा जा सकता है, लेकिन उन्हें बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए कक्षा 10 में इस विषय को उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।

मंगलवार को जारी शुद्धिपत्र के अनुसार, अब इस प्रावधान को हटा दिया गया है और आर-3 को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के दिशा-निर्देश लागू होंगे।

एक अधिकारी ने बताया कि पहले जारी आदेश की व्याख्या को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी, जिसके कारण यह प्रावधान वापस लिया गया।

सीबीएसई ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-स्कूल शिक्षा (एनसीएफ-एसई) 2023 के तहत मई में तीन भाषा नीति लागू की थी।

इस नीति के तहत कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य किया गया है, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं होनी चाहिए। यह व्यवस्था एक जुलाई से लागू हुई।

सीबीएसई दिशा-निर्देशों के अनुसार, तीसरी भाषा (आर-3) का मूल्यांकन पूरी तरह स्कूल स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन के माध्यम से किया जाएगा और इसके लिए कक्षा 10 की अलग बोर्ड परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी।

आर-3 के अंक फाइनल सीबीएसई प्रमाणपत्र पर दर्ज होंगे, लेकिन कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में बैठने की छात्र की पात्रता पर इन अंकों का कोई असर नहीं पड़ेगा।

भाषा अमित पवनेश

पवनेश