साधु की मौत पर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना, पार्टी की जांच समिति गठित की

साधु की मौत पर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना, पार्टी की जांच समिति गठित की

साधु की मौत पर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना, पार्टी की जांच समिति गठित की
Modified Date: November 29, 2022 / 08:59 pm IST
Published Date: July 23, 2022 4:18 pm IST

जयपुर, 23 जुलाई (भाषा) भरतपुर के डीग में आत्मदाह का प्रयास करने वाले साधु विजय दास की मृत्यु को लेकर राजस्थान में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की कांग्रेस नीत सरकार पर निशाना साधा और इसके लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार बताया। वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने पार्टी की एक जांच समिति गठित की है जो मौके पर जाकर इसकी छानबीन करके उन्हें रिपोर्ट सौंपेगी।

उल्‍लेखनीय है कि साधु विजय दास की शुक्रवार देर रात नयी दिल्ली के अस्पताल में मृत्यु हो गई। डीग क्षेत्र में खनन गतिविधियों को बंद करने की मांग को लेकर जारी साधु-संतों के आंदोलन के बीच उन्‍होंने बुधवार को आत्मदाह का प्रयास किया था। उनका नयी दिल्‍ली के सफदरजंग अस्‍पताल में इलाज चल रहा था।

मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए पूर्व मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि अगर अधिकारी और सत्ता से जुड़े राजनेताओं ने समय रहते संतों की बात सुनी होती तो एक साधु की जान नहीं जाती। उन्‍होंने कहा, ‘‘घटना के बाद मुख्यमंत्री असहाय हो कर स्वयं स्वीकार कर रहे हैं कि प्रदेश में अवैध खनन नहीं रुक रहा। इससे स्पष्ट है कि संत की मौत का जिम्मेदार अगर कोई है तो वह राज्य सरकार है।’’

वहीं भाजपा के प्रदेश अध्‍यक्ष सतीश पूनियां ने आरोप लगाया कि संत विजय दास की मौत का अगर कोई जिम्मेदार है तो वह खनन माफिया को संरक्षण देने वाली राजस्थान की कांग्रेस सरकार है। उन्‍होंने आरोप लगाया कि राज्‍य की सरकार खनन माफिया की गिरफ्त में है और राज्‍य के मुख्‍यमंत्री, गृहमंत्री के रूप में अपनी जिम्‍मेदारी से बच रहे हैं।

वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत जगत प्रकाश नड्डा ने संत विजय दास के निधन पर शोक व्‍यक्‍त किया है। उन्‍होंने घटना की जांच के लिए चार सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति घटनास्थल का दौरा कर जानकारी एकत्रित करेगी और शीघ्र ही रिपोर्ट नड्डा को सौंपेगी।

पार्टी के प्रवक्‍ता ने यहां बताया कि समिति में पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती, पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद सत्यपाल सिंह, उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं सांसद बृजलाल यादव को शामिल किया गया है।

भाषा पृथ्‍वी अर्पणा

अर्पणा


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