कर्नाटक सरकार करेगी बड़े पैमाने पर भर्ती, स्वास्थ्य बीमा का दायरा भी बढ़ेगा
कर्नाटक सरकार करेगी बड़े पैमाने पर भर्ती, स्वास्थ्य बीमा का दायरा भी बढ़ेगा
मंगलुरु (कर्नाटक), सात अगस्त (भाषा) कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए बड़े पैमाने पर स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती, नागरिकों, सरकारी कर्मचारियों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य बीमा का दायरा बढ़ाने तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने सहित कई महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की है।
बृहस्पतिवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में खादर ने कहा कि राज्य सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में चिकित्सकों, नर्सों, फार्मासिस्ट और प्रयोगशाला तकनीशियनों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई है।
उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ महीने के दौरान लगभग 200 एमबीबीएस चिकित्सक सरकारी सेवा में शामिल हुए हैं, जबकि करीब 1,000 स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग में 3,000 और पदों पर नियुक्ति को भी मंजूरी दे दी गई है।
खादर ने बताया कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए सरकार 450 नयी ‘108’ एम्बुलेंस सेवा में शामिल करेगी। इसके बाद राज्य में एम्बुलेंस की कुल संख्या बढ़कर 750 से अधिक हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 20 मिनट के भीतर एम्बुलेंस मरीज तक पहुंच जाए। इसके अलावा, यातायात की दृष्टि से अत्यधिक व्यस्त शहरों में त्वरित आपात सहायता उपलब्ध कराने के लिए 100 मोटरसाइकिल एम्बुलेंस भी शुरू की जाएंगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि ‘आयुष्मान कर्नाटक’ स्वास्थ्य बीमा योजना को और सुदृढ़ बनाया जाएगा, ताकि सरकारी अस्पतालों से रेफर किए गए मरीजों का निजी अस्पतालों में भी बिना अतिरिक्त खर्च के उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि सरकार इस योजना का लाभ गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) वर्ग के पात्र परिवारों तक भी पहुंचाने पर विचार कर रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘संध्या किरण’ नामक स्वास्थ्य योजना तथा 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘वयो वंदना’ योजना शुरू करने की तैयारी कर रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन दोनों प्रस्तावों को केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने की प्रतीक्षा है।
भाषा सं राजेंद्र खारी
खारी

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