रास में उठी अयोध्या से चित्रकूट तक रामदर्शन रेल पथ गलियारा बनाने की मांग

रास में उठी अयोध्या से चित्रकूट तक रामदर्शन रेल पथ गलियारा बनाने की मांग

रास में उठी अयोध्या से चित्रकूट तक रामदर्शन रेल पथ गलियारा बनाने की मांग
Modified Date: August 7, 2026 / 01:52 pm IST
Published Date: August 7, 2026 1:52 pm IST

नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अमरपाल मौर्य ने शुक्रवार को राज्यसभा में उत्तर प्रदेश के अयोध्या, प्रयागराज और बुंदेलखंड क्षेत्र के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए इन क्षेत्रों को जोड़ने वाले ‘रामदर्शन रेल पथ गलियारे’ के निर्माण की मांग की।

शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए मौर्य ने कहा कि अयोध्या, प्रयागराज और बुंदेलखंड क्षेत्र भारत की आध्यात्मिक विरासत और धार्मिक परंपराओं के प्रमुख केंद्र रहे हैं तथा इन क्षेत्रों का संबंध भगवान राम के जीवन और उनसे जुड़ी आस्थाओं से है। उन्होंने कहा कि यदि राम वन गमन मार्ग से जुड़े प्रमुख स्थानों को एक ही रेल गलियारे के माध्यम से जोड़ दिया जाए तो इससे श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि अयोध्या, अमेठी, प्रयागराज, कौशांबी और चित्रकूट जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ते हुए एक विशेष रेल पथ गलियारे का निर्माण किया जाना चाहिए। ‘‘इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इन क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।’’

मौर्य ने कहा कि अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि के रूप में विश्वभर में श्रद्धा का केंद्र है, जबकि प्रयागराज धार्मिक आयोजनों और आध्यात्मिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। वहीं चित्रकूट का संबंध भगवान राम के वनवास काल से जुड़ा हुआ है और यह देश के करोड़ों लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है।

उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि अयोध्या से अमेठी, प्रयागराज, कौशांबी और चित्रकूट तक रामदर्शन रेल पथ गलियारे की योजना पर विचार किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को इन पवित्र स्थलों की यात्रा में सुगमता मिल सके।

मौर्य ने कहा कि इस तरह की परियोजना धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ स्थानीय रोजगार और विकास के अवसरों को भी बढ़ावा देगी।

भाषा मनीषा माधव

माधव


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