बहुमत नहीं मिलने पर तृणमूल उम्मीदवारों से समर्थन के लिए धमका रही है भाजपा: ममता

बहुमत नहीं मिलने पर तृणमूल उम्मीदवारों से समर्थन के लिए धमका रही है भाजपा: ममता

बहुमत नहीं मिलने पर तृणमूल उम्मीदवारों से समर्थन के लिए धमका रही है भाजपा: ममता
Modified Date: April 12, 2026 / 06:14 pm IST
Published Date: April 12, 2026 6:14 pm IST

कोलकाता, 12 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), राज्य मंत्रियों सहित तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवारों को धमका रही है और विधानसभा चुनाव के बाद बहुमत के आंकड़े से कम रहने की स्थिति में उनका समर्थन मांग रही है।

बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र में भाजपा सरकार पश्चिम बंगाल को तीन भागों में बांटने के लिए परिसीमन करना चाहती है और राज्य के कुछ हिस्सों को बिहार या ओडिशा में मिलाया जा सकता है, जिससे उन क्षेत्रों में रहने वाले बंगालियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

पश्चिम बर्धमान के आसनसोल, बांकुड़ा जिले के छटना और ओंडा तथा पूर्वी बर्धमान के खंडघोष में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा, ‘भाजपा विधानसभा चुनाव के बाद बहुमत के आंकड़े से कम रहने की स्थिति में राज्य मंत्रियों सहित तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवारों को धमका रही है और उनका समर्थन मांग रही है।’

पश्चिम बंगाल विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 है। भाजपा ने 2021 के चुनाव में 77 सीट जीती थीं।

उन्होंने कहा, ‘भाजपा पश्चिम बंगाल को तीन भागों में बांटने के लिए परिसीमन विधेयक लाने की योजना बना रही है। इससे पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों का बिहार या ओडिशा में विलय हो सकता है और जिससे वहां के बंगालियों को प्रताड़ना का सामना करना पड़ेगा।’

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को पश्चिम बंगाल की सत्ता से हटाने के लिए 1,000 करोड़ रुपये का सौदा किया है।

बनर्जी का परोक्ष रूप से यह इशारा, सोशल मीडिया पर सामने आये आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) प्रमुख हुमांयू कबीर के उस वीडियो की ओर था जिसमें वह कथित तौर पर यह कहते हुए सुने गए कि वह बनर्जी को सत्ता से हटाने के लिए शुभेंदु अधिकारी सहित भाजपा नेताओं से निकट संपर्क में हैं और उन्होंने तृणमूल को हराने के लिए अल्पसंख्यक मतों को विभाजित करने के वास्ते 1,000 करोड़ रुपये के सौदे के अग्रिम भुगतान के रूप में 200 करोड़ रुपये प्राप्त किए हैं।

‘पीटीआई-भाषा’ वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने मामले की जांच की मांग की है, जबकि भाजपा और एजेयूपी ने वीडियो को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से निर्मित बताया है।

पार्टी प्रमुख बनर्जी ने कहा, ‘‘उन्होंने (भाजपा ने) पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से हटाने के लिए 1,000 करोड़ रुपये का सौदा किया है।’

बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के लिए राज्य में तैनात केंद्रीय बल तलाशी के नाम पर महिलाओं के साथ ‘‘अपमानजनक व्यवहार’’ कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री बनर्जी ने यह भी दावा किया कि रैली स्थल उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें रैली करने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जन सभा के लिए तुरंत अनुमति दे दी गई थी।

बनर्जी ने भाजपा पर चुनाव से पहले मतदाताओं को रिश्वत देने का आरोप लगाया और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को हाल के दिनों में ‘देश का सबसे बड़ा घोटाला’ करार दिया।

उन्होंने कहा, ‘एसआईआर हाल के दिनों में देश में हुआ सबसे बड़ा घोटाला है। पूरी दुनिया जानती है कि आपकी सरकार 2026 में गिर जाएगी। तब हम आपकी सरकार द्वारा लाए गए सभी जनविरोधी कानूनों को रद्द कर देंगे।’

बनर्जी ने कहा, “भाजपा चुनाव से पहले मतदाताओं को रिश्वत देती है। लेकिन मतदान समाप्त होते ही वे अपने वादे भूल जाते हैं। बिहार चुनाव में यही देखने को मिला।”

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए मतदान प्रक्रिया में हेरफेर करने की कोशिश करेगी और लोगों से सतर्क रहने और मतदान मशीन पर नजर रखने का आग्रह किया।

बनर्जी ने कहा, “वोटिंग मशीन के प्रति सतर्क रहें। भाजपा ने धीमी गति से मतदान और धीमी मतगणना की योजना बनाई है। उनकी सभी योजनाओं को विफल करें।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा लोगों को ‘नशीली चाय और मिठाई’ खिलाकर ‘वोट लूटने’ की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, ‘वे आपको नशीली चाय और मिठाई खिलाने की योजना बना रहे हैं, जिसे खाकर आप सो जाएंगे और वे आपके वोट लूट लेंगे… सावधान रहें।’

उन्होंने सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने के भाजपा के चुनावी वादे पर भी सवाल उठाते हुए कहा, ‘‘युवाओं को दो करोड़ नौकरियां प्रदान करने के उनके (मोदी के) वादे का क्या हुआ?’’

भाषा अमित रंजन

रंजन


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