आदिवासी परिषद में ‘बिचौलियों’ को हटाना चाहती है भाजपा: माणिक साहा

आदिवासी परिषद में 'बिचौलियों' को हटाना चाहती है भाजपा: माणिक साहा

आदिवासी परिषद में ‘बिचौलियों’ को हटाना चाहती है भाजपा: माणिक साहा
Modified Date: April 7, 2026 / 09:31 pm IST
Published Date: April 7, 2026 9:31 pm IST

अगरतला, सात अप्रैल (भाषा) त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आदिवासी परिषद क्षेत्रों में रहने वाले मूल लोगों की बेहतरी के लिए सीधे काम करना चाहती है और ‘‘बिचौलियों’’ को हटाना चाहती है।

साहा ने त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) के चुनाव के लिए गोमती जिले के अम्पिनगर में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा, “यह पहली बार है कि कोई राष्ट्रवादी पार्टी खुमुलवंग (आदिवासी परिषद का मुख्यालय) में बोर्ड का गठन करने जा रही है, क्योंकि भाजपा का उद्देश्य क्षेत्रीय दलों पर निर्भरता समाप्त करना है।”

मुख्यमंत्री साहा ने अपनी सहयोगी टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी क्षेत्रीय दल (टीएमपी) के साथ गठबंधन जारी रखना चाहती है क्योंकि भाजपा हमेशा ‘जोते धर्म’ (गठबंधन) की परंपरा को कायम रखती है।

उन्होंने खुमुलवंग में टीएमपी के नेतृत्व वाली परिषद की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि वे शासन में दखलंदाजी करने की कोशिश कर रहे हैं। क्षेत्रीय पार्टी के पास आदिवासी लोगों को पेशकश करने के लिए कुछ भी नहीं है। अगर हम आदिवासी लोगों के लिए सब कुछ कर सकते हैं, तो बिचौलियों को हटाकर आदिवासी परिषद के लोगों की सीधे सेवा क्यों ना करें?’’

साहा ने चुनाव के बाद टीएमपी का अस्तित्व समाप्त होने का दावा किया और आरोप लगाया कि वे भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार का हिस्सा होकर सभी लाभ उठा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद विधानसभा में विपक्ष की तरह व्यवहार करते हैं।

उन्होंने कहा कि हिंसा भाजपा को आदिवासी परिषद चुनाव जीतने से नहीं रोक पाएगी और चुनाव की घोषणा के बाद से 40 स्थानों से हिंसक घटनाओं की सूचना मिली है।

उन्होंने कहा, ‘चुनाव प्रक्रिया के दौरान टीएमपी कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर हमारे मंत्रियों, उम्मीदवारों और पार्टी नेताओं पर हमला किया। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमले और गुंडागर्दी भाजपा को खुमुलवंग में बोर्ड बनाने से नहीं रोक पाएगी।’

टीएमपी संस्थापक प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा के हालिया दावे का उल्लेख करते हुए साहा ने कहा कि वह इसलिए ‘बुरे’ बन गए हैं क्योंकि उन्होंने क्षेत्रीय पार्टी नेता के ‘धोखेबाजी के कौशल’ को पहचान लिया।

देबबर्मा ने मुख्यमंत्री को परोक्ष रूप से निशाना बनाते हुए हाल में कहा था कि भाजपा में कुछ को छोड़कर कई ‘अच्छे नेता’ हैं।

साहा ने कहा, “अगर भाजपा 2018 के विधानसभा चुनाव में 25 साल के वाम शासन को परास्त कर सकती है, तो खुमुलवंग में टीएमपी सरकार को गिराना कोई बड़ी बात नहीं है। ऐसा होना तय है।”

आदिवासी परिषद की 28 सीट के लिए मतदान 12 अप्रैल को होगा। वोट की गिनती 17 अप्रैल को होगी।

भाषा अमित पवनेश

पवनेश


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