भाजपा ने 177 सीट पर मतगणना में धांधली करके बंगाल चुनाव जीता : ममता बनर्जी

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भाजपा ने 177 सीट पर मतगणना में धांधली करके बंगाल चुनाव जीता : ममता बनर्जी

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  • Publish Date - June 2, 2026 / 06:24 PM IST,
    Updated On - June 2, 2026 / 06:24 PM IST

कोलकाता, दो जून (भाषा) तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हाल में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए 294 में से 177 सीट की मतगणना में ‘‘धांधली’’ की।

बनर्जी ने कहा कि वह ‘‘इस कठिन समय’’ में तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने यह टिप्पणी उनकी पार्टी नेताओं की भ्रष्टाचार, धमकी और वसूली के आरोप में बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी तथा विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के कथित उत्पीड़न को लेकर की।

चुनाव में भाजपा की जीत के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं पर कथित तौर पर हुए हमलों के विरोध में मध्य कोलकाता में दिन भर के धरने पर बैठे तृणमूल कांग्रेस समर्थकों को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि भाजपा विरोधी पार्टियां जल्द ही देशव्यापी विरोध कार्यक्रम की रूपरेखा बनाएंगी।

बनर्जी ने अगले सप्ताह होने वाली ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘बहुत जल्द, भाजपा विरोधी सभी पार्टियां दिल्ली में बैठक करेंगी। कुछ दिनों का इंतजार कीजिए और हम जल्द ही विपक्ष की देशव्यापी कार्ययोजना की घोषणा करेंगे।’’

तृणमूल कांग्रेस को रानी रासमणि रोड पर धरना आयोजित करने की अनुमति देने से कोलकाता पुलिस द्वारा मना किए जाने के बाद ममता बनर्जी एस्प्लेनेड के वाई-चैनल स्थित धरना स्थल पर पहुंचीं।

बनर्जी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में धरने को ‘‘चुनाव पश्चात हिंसा, पुनर्वास के बिना फेरीवालों को बेदखल करने, नीट परीक्षा में अनियमितताओं/धोखाधड़ी और भाजपा सरकार की प्रतिशोधी कार्रवाई’ के खिलाफ एक कार्यक्रम बताया।

भीड़ को हाथ में पकड़े जाने वाले एक मेगाफोन के माध्यम से संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया, ‘‘’हमें उस जगह पर अपना कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई, जहां हमने अनुमति मांगी थी। वैकल्पिक स्थल पर, पुलिस ने हमें मंच लगाने या माइक्रोफोन का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर अन्य दलों को उस स्थान पर राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी जाती है जहां हमें विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई, या अगर उन्हें माइक्रोफोन के साथ बैठक करने की अनुमति दी जाती है, तो हम अदालत का रुख करेंगे। कानून भेदभाव के आधार पर लागू नहीं किया जा सकता।’’

धरना-प्रदर्शन के दौरान अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला और पूर्व मुख्यमंत्री के भाषण के बीच तृणमूल कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे।

बनर्जी ने आरोप लगाया, ‘‘पुलिस की धमकियों को नजरअंदाज करते हुए यहां आने वालों को यह पता होना चाहिए कि भाजपा सरकार वर्दीधारी पुलिसकर्मियों का इस्तेमाल उन कामों के लिए कर रही है जो उन्हें नहीं करने चाहिए। तृणमूल कार्यकर्ताओं को धमकाना उनके काम का हिस्सा नहीं है।’’

बनर्जी के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम, मदन मित्रा, कल्याण बनर्जी, शोभनदेव चट्टोपाध्याय, चंद्रिमा भट्टाचार्य और डोला सेन नजर आयीं, जबकि तृणमूल के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीतकर आए अधिकतर नए चेहरे कार्यक्रम से नदारद रहे।

हालांकि, पार्टी प्रमुख बनर्जी ने कहा कि शनिवार को उनके भतीजे और तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले, चुनाव के बाद कथित हिंसा और फेरीवालों को बेदखल करने के विरोध में धरना कार्यक्रम के अनुसार शाम तक जारी रहेगा।

बनर्जी ने आरोप लगाया कि सोनारपुर में अभिषेक पर हुआ हालिया हमला सुनियोजित था। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ने पहले से ही अपने कार्यकर्ताओं को चुपके से भेजा था, उन्हें खाना खिलाया था और यहां तक कि उन्हें बोलने-चालने का तरीका भी सिखाया था। अगर तृणमूल कार्यकर्ता ने अभिषेक को हेलमेट नहीं दिया होता, तो पत्थर से लगी चोट जानलेवा साबित हो सकती थी।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि जिन निजी अस्पतालों में अभिषेक को ले जाया गया था, उन पर शुभेंदु अधिकारी सरकार का ‘‘भारी दबाव’’ था कि घायल नेता को भर्ती न किया जाए।

उन्होंने कहा, ‘‘मोदी ने बंगाल को असामाजिक तत्वों और मनमानी करने वाले नेताओं के हाथों में छोड़ दिया है, जो राज्य को अंधकार में धकेल रहे हैं।’’

तृणमूल कांग्रेस विधायकों द्वारा शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष के नेता के रूप में समर्थन देने वाले हस्ताक्षरों पर विवाद के बारे में बनर्जी ने कहा कि विधायकों ने संबंधित बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार पार्टी की बैठक की उपस्थिति पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए थे।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर विधानसभा अध्यक्ष को हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता पर संदेह था, तो उन्हें फोरेंसिक जांच करानी चाहिए थी। भाजपा गंदी चाल चल रही है।’’

भाषा अमित माधव

माधव