नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने की कीमतें 1.61 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गईं। कमजोर डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से इन कीमती धातुओं की मांग फिर से बढ़ गई।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,050 रुपये बढ़कर 1,61,450 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स मिलाकर) हो गई।
सोमवार को यह 1,60,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
चांदी की कीमतों में भी 1,300 रुपये की मजबूती आई और यह पिछले बंद भाव 2,69,700 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।
विश्लेषकों ने कहा कि कीमती धातुओं को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से सहारा मिला। इससे पश्चिम एशिया में तनाव के कारण पैदा होने वाले महंगाई के झटके का डर कुछ कम हुआ। अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में कमी और कमजोर डॉलर ने सर्राफा की कीमतों की अपील को और बढ़ा दिया।
एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष शोध विश्लेषक-जिंस और मुद्रा जतिन त्रिवेदी ने कहा कि घरेलू सोने की कीमतों को रुपये की कमजोरी से भी सहारा मिला। कमजोर रुपये ने वैश्विक बाजार की अनिश्चितता से पड़ने वाले कुछ दबाव को कम करने में मदद की और घरेलू सर्राफा बाजार में बढ़त को सहारा दिया।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, हाजिर सोना एक प्रतिशत बढ़कर 4,528.75 डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी दो प्रतिशत बढ़कर 76.29 डॉलर प्रति औंस हो गई।
कोटक नियो की एवीपी जिंस शोध कायनात चैनवाला ने कहा, ‘‘मंगलवार को हाजिर सोना और चांदी एक प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर क्रमश: 4,520 डॉलर प्रति औंस और लगभग 77 डॉलर प्रति औंस हो गए। इसकी वजह यह रही कि कच्चे तेल की कीमतों में कमजोरी से महंगाई और ब्याज दरों के भविष्य को लेकर चिंताएं कम हुईं।’’
निवेशकों का ध्यान अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत से जुड़े घटनाक्रमों पर टिका हुआ है। बाजार कूटनीतिक प्रगति को लेकर आशावाद और इस चिंता के बीच झूल रहे हैं कि बातचीत टूट भी सकती है।
चैनवाला ने कहा कि अब ध्यान अमेरिका के वृहद आर्थिक आंकड़ों पर जा रहा है, जिसमें नौकरियों के खाली पदों की संख्या, फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की टिप्पणियां, और शुक्रवार को जारी होने वाली गैर-कृषि पे रोल रिपोर्ट शामिल हैं।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय