Home » Country » Ethanol Stoves: Will LPG Cylinders Become Obsolete? Introducing the Affordable, Ethanol-Powered Cooking Stove—Learn How You Can Now Cook with Lower Costs and No Smoke
Ethanol Stoves: क्या बंद हो जाएंगे LPG सिलेंडर? लो आ गया एथेनॉल से चलने वाला सस्ता चूल्हा.. जानें, अब कैसे कम खर्चे और बिना धुएं के पकेगा खाना
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Ethanol Stoves: भारत में बढ़ती हुई LPG कीमतों और दुनिया भर के झमेलों के बीच, घरेलू ईंधन के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है... केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने, हाल ही में इस पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि...
Ethanol Stoves: भारत में बढ़ती हुई LPG कीमतों और दुनिया भर के झमेलों के बीच, घरेलू ईंधन के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। हाल ही में, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मई 2026 में नागपुर में एक नया स्वदेशी “एथेनॉल बेस्ड कुकिंग स्टोव“(Ethanol Stove Technology) को पेश किया है तथा उन्होंने बयान देते हुए कहा कि हमारे देश में एथेनॉल आधारित चूल्हा तकनीक, कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलिंडर की तुलना में काफी सस्ती और सुरक्षित साबित हो सकती है। उनके अनुसार, यह दवा किया गया है कि 7% एथेनॉल + 93% पानी के मिश्रण से स्टोव जैसी स्थिर और स्वच्छ लौ उत्पन्न होती है, जो खाना पकाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।
यह स्टोव एथेनॉल और पानी के मिश्रण पर चलता है। वर्तमान की बात करें तो बाज़ार में उपलब्ध एथेनॉल चूल्हों में बेहतर परफॉर्मेंस और स्वच्छ नीली लौ के लिए 70% से 90% तक शुद्ध एथेनॉल का उपयोग किया जाता है। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि नए बर्नर, प्रेशर सिस्टम और प्री-हीटिंग तकनीक के सही इस्तेमाल से इस चूल्हे पर खाना बनाना बेहद आसान और परेशानी मुक्त हो जाता है।
क्या हैं एथेनॉल स्टोव के फायदे? Ethanol Stove V/s LPG
एथेनॉल स्टोव को LPG का सस्ता और बेहतर विकल्प बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस स्टोव के कई लाभ हैं :
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, 7% एथेनॉल + 93% पानी के मिश्रण से LPG सिलेंडर से भी सस्ता खाना पकाया जा सकता है।
इसका सबसे बड़ा लाभ स्वास्थ्य और पर्यावरण का है। नीली लौ (Blue Flame) से जलने के कारण, एथेनॉल से बहुत काम मात्रा में धुआं और कालिख पैदा होती है, जिससे वायु प्रदुषण काम होगा साथ ही महिलाओं और बच्चों में होने वाले सांस संबंधी रोग, आँखों की समस्या काफी हद तक कम होगी। घरेलू खर्चों में 30 से 50% तक बचत की संभावना है।
इथेनॉल का उत्पादन गन्ना, मोलासेस और कृषि अशिष्ट से होता है, जो स्थानीय स्तर पर सस्ता उपलब्ध हो सकता है जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।
एलपीजी (LPG) के बढ़ते दाम और सब्सिडी के बोझ से छुटकारा मिलेगा।
LPG Cylinder: क्या है सुरक्षा संबंधी चुनौतियाँ? (Safety Challenges)
एथेनॉल अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ है। हालांकि, एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) की तुलना में एथेनॉल स्टोव में ब्लास्ट या गैस लीकेज का खतरा बहुत काम होता है, क्योंकि एथेनॉल को अत्यधिक दबाव (High Pressure) में नहीं रखा जाता। फिर भी, इस तकनीक के साथ कुछ अन्य चुनौतियाँ जुड़ी हैं:
स्पिल होने पर आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
शुद्ध एथेनॉल जब जलता है तो दिन के उजाले में उसकी नीली लौ, कई बार आँखों में दिखाई नहीं देती (Invisible Flame), जिससे दुर्घटना होने का खतरा रहता है।
एथेनॉल एक अत्यधिक ज्वलनशील (Highly Flammable) पदार्थ है यदि चूल्हा जलाते वक़्त उसमें दुबारा ईंधन डाला जाए, तो अचानक से आग के भभकने का डर रहता है।
नहीं। इथेनॉल स्टोव अभी LPG को पूरी तरह रिप्लेस नहीं करेगा। यह मुख्य रूप से पूरक विकल्प के तौर पर ग्रामीण इलाकों, स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे होटलों के लिए बेहतर रहेगा। LPG अभी भी बड़े शहरों और नियमित घरेलू उपयोग के लिए जारी रहेगा।
इथेनॉल स्टोव इस्तेमाल करना सुरक्षित है या खतरनाक?
इथेनॉल बहुत ज्वलनशील है। अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो सुरक्षित है, लेकिन गलत रिफ्यूलिंग, खराब वेंटिलेशन या स्पिल होने पर बड़ा खतरा हो सकता है। इसलिए केवल प्रमाणित स्टोव खरीदें और ठंडे स्टोव में ही ईंधन भरें।
इथेनॉल स्टोव से खाना पकाने में कितनी बचत होगी?
अनुमान के अनुसार LPG से 30-50% तक सस्ता पड़ सकता है, खासकर अगर स्थानीय स्तर पर इथेनॉल उपलब्ध हो। किसानों को गन्ने और कृषि अपशिष्ट से अतिरिक्त आय भी मिलेगी।