तिरुवनंतपुरम, दो जून (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने मंगलवार को गृह विभाग की नशा-विरोधी पहल ‘ऑपरेशन तूफान’ की शुरुआत की।
सतीशन ने कहा कि मादक पदार्थ की समस्या राज्य के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। सतीशन ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी युवाओं की है, जो केरल का जनसांख्यिकीय लाभांश हैं। उन्होंने आगाह किया कि मादक पदार्थ माफिया उन्हें निशाना बने रहे हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं पर नशे के प्रभाव का अंदाजा अपराधों की बदलती प्रकृति से लगाया जा सकता है, जो अधिक क्रूर और हिंसक हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के प्रभाव में आकर युवाओं द्वारा अपने माता-पिता या अन्य करीबी परिजनों की हत्या जैसी घटनाएं सामने आई हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस पहल में केवल गृह विभाग ही नहीं, बल्कि आबकारी और शिक्षा विभाग सहित अन्य सरकारी एजेंसियों, स्कूलों और अभिभावकों की भी भागीदारी आवश्यक है, ताकि राज्य में नशे को समाप्त किया जा सके और इसके नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।
उन्होंने कहा, ‘‘इस मिशन के दो पहलू हैं-पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा सरकार के पूर्ण समर्थन के साथ प्रवर्तन और नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता।’’
उन्होंने ‘ऑपरेशन तूफान: द नार्को हंट’ की शुरूआत की घोषणा करते हुए कहा, ‘‘अभिभावक, स्कूल, शिक्षक, पुलिस, आबकारी अधिकारी और स्थानीय निकाय युवाओं में नशे के खतरे के प्रति जागरूकता फैलाने में भूमिका निभाएंगे।’’
मुख्यमंत्री सतीशन ने कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों से इस अभियान के एंबेसडर बनने की अपील भी की। सतीशन और राज्य के गृह मंत्री रमेश चन्नीथला ने इस पहल के अंग्रेज़ी और मलयालम लोगो का भी अनावरण किया।
भाषा अमित अविनाश
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