भाजपा के सहयोगी दलों, लोकतांत्रिक ताकतों को ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का विरोध करना चाहिए: स्टालिन

भाजपा के सहयोगी दलों, लोकतांत्रिक ताकतों को ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का विरोध करना चाहिए: स्टालिन

भाजपा के सहयोगी दलों, लोकतांत्रिक ताकतों को ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का विरोध करना चाहिए: स्टालिन
Modified Date: January 18, 2025 / 08:42 pm IST
Published Date: January 18, 2025 8:42 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

चेन्नई, 18 जनवरी (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पहल के जरिए एक शासन प्रणाली लागू करने के प्रयास के लिए केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सत्तारूढ़ दल के सहयोगी दलों एवं सभी लोकतांत्रिक ताकतों से इस कदम का विरोध करने और देश तथा संविधान को बचाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साथ चुनाव कराने का विचार भाजपा नीत सरकार का एजेंडा है, ताकि पूरे देश में एक ही चुनाव लागू करने की स्थिति पैदा की जा सके।

स्टालिन ने यहां द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की विधि शाखा के तीसरे राज्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमें भाजपा की एक राष्ट्र, एक चुनाव योजना का विरोध करना चाहिए क्योंकि वह देश में एक पार्टी का शासन लाना चाहती है। भाजपा सरकार एक धर्म, एक भाषा, एक संस्कृति और एक समान ड्रेस कोड के अलावा एक भोजन भी चाहती है। इसलिए वह देश पर एक साथ चुनाव थोपना चाहती है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा एक सरकार स्थापित करने के लिए राज्यों को नष्ट करना चाहती है। उन्होंने कहा, ‘‘यह भाजपा की दीर्घकालिक योजना है। वह एक साथ चुनाव कराना चाहती है, ताकि पूरे देश में एक ही चुनाव कराने की स्थिति पैदा हो। इससे देश में एक शासन का मार्ग प्रशस्त होगा।’’

उन्होंने यह भी दावा किया कि इस कदम से एक व्यक्ति को सारे अधिकार मिल जाएंगे, जो भाजपा के लिए भी अच्छा नहीं है। द्रमुक अध्यक्ष स्टालिन ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘यह संशोधन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को तानाशाह बनाने के लिए उपयोगी होगा, लेकिन यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है।’’

भाषा आशीष माधव

माधव


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