रांची, जामताड़ा की अदालतों और एक्सएलआरआई को बम से उड़ाने की धमकियां झूठी निकलीं

रांची, जामताड़ा की अदालतों और एक्सएलआरआई को बम से उड़ाने की धमकियां झूठी निकलीं

रांची, जामताड़ा की अदालतों और एक्सएलआरआई को बम से उड़ाने की धमकियां झूठी निकलीं
Modified Date: March 10, 2026 / 07:31 pm IST
Published Date: March 10, 2026 7:31 pm IST

रांची/जमशेदपुर, 10 मार्च (भाषा) रांची और जामताड़ा की दीवानी अदालतों और जमशेदपुर के प्रतिष्ठित संस्थान ‘एक्सएलआरआई’ को मंगलवार को ईमेल भेजकर परिसर में बम विस्फोट करने की धमकी दी गई।

हालांकि, पुलिस ने बताया कि गहन तलाशी के दौरान कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला और ये धमकियां झूठी निकलीं।

इस नयी धमकी के साथ रांची की दीवानी अदालत को हाल के महीनों में इस तरह का तीसरा ईमेल प्राप्त हुआ है। इससे पहले छह फरवरी और 28 फरवरी को भी इसी तरह की धमकियां मिली थीं।

कोतवाली के उप पुलिस अधीक्षक प्रकाश सोय ने कहा, ‘हमने अदालत परिसर की गहन तलाशी ली। ईमेल से धमकी की सूचना मिलते ही झारखंड जगुआर की बम निरोधक टीम को मौके पर भेजा गया, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।’

उन्होंने कहा कि अदालत से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार ईमेल भेजने वाले ने बम का इस्तेमाल करके इमारत को उड़ाने की धमकी दी। ईमेल में यह भी कहा गया है कि ‘चूंकि सभी को न्याय नहीं मिल रहा है, इसलिए अदालत को उड़ा दिया जाएगा।’

उन्होंने कहा कि पुलिस ने ईमेल का गंभीरता से संज्ञान लिया है और तकनीकी टीम व साइबर प्रकोष्ठ की सहायता से इसके स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ईमेल के जरिए जामताड़ा दीवानी अदालत को उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद परिसर में दहशत फैल गई।

जामताड़ा मुख्यालय के डीएसपी संजय कुमार ने बताया, ‘ईमेल के जरिए दीवानी अदालत को उड़ाने की धमकी मिली थी। इसकी जानकारी मिलने पर रांची से बम निरोधक विशेषज्ञों की एक टीम को बुलाया गया और अदालत परिसर की व्यापक तलाशी ली गई, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।’

कुमार ने बताया कि पुलिस ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और साइबर एवं तकनीकी प्रकोष्ठ की मदद से ईमेल के स्रोत का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इसी बीच प्रमुख बी-स्कूल एक्सएलआरआई के परिसर में बम विस्फोट करने की धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ जिसके बाद पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने स्कूल परिसर के अंदर गहन तलाशी अभियान चलाया।

पुलिस ने परिसर को खाली करा दिया और बम निरोधक दस्ते व खोजी कुत्तों के दस्ते के साथ मिलकर परिसर की तलाशी ली।

बिष्टुपुर थाने के प्रभारी अधिकारी आलोक कुमार दुबे ने बताया कि कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया और ईमेल फर्जी प्रतीत होता है।

भाषा

शुभम नरेश

नरेश


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