सीमावर्ती सुरक्षा एवं विकास को शीर्ष प्राथमिकता दी जानी चाहिए: कांग्रेस की अरूणाचल प्रदेश इकाई

सीमावर्ती सुरक्षा एवं विकास को शीर्ष प्राथमिकता दी जानी चाहिए: कांग्रेस की अरूणाचल प्रदेश इकाई

सीमावर्ती सुरक्षा एवं विकास को शीर्ष प्राथमिकता दी जानी चाहिए: कांग्रेस की अरूणाचल प्रदेश इकाई
Modified Date: August 29, 2026 / 02:45 pm IST
Published Date: August 29, 2026 2:45 pm IST

ईटानगर, 29 अगस्त (भाषा) कांग्रेस की अरुणाचल प्रदेश इकाई ने शनिवार को कहा कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों में सीमावर्ती समुदायों और सुरक्षा बलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए तथा सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे एवं अन्य जरूरी सुविधाओं का विकास किया जाना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बोसीराम सिराम ने उपरी सुबनसिरी के टक्सिंग सेक्टर के चार दिन के दौरे के बाद ये बातें कही हैं।

इस दौरे के दौरान उन्होंने और पार्टी के अन्य नेताओं ने पंचायत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर स्थानीय लोगों एवं सुरक्षा कर्मियों से बातचीत की।

सिराम ने एक बयान में कहा, ‘‘जो लोग सीमावर्ती इलाकों की बात करते हैं, उनमें वहां तक ​​पहुंचने, लोगों से मिलने और जमीनी हकीकत को समझने का साहस भी होना चाहिए। टक्सिंग भारत का कोई दूर-दराज का कोना नहीं है, बल्कि यह भारत की अग्रिम पंक्ति (फ्रंटलाइन) है।’’

सिराम ने केंद्र सरकार से यह भी अपील की कि वह टक्सिंग और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अन्य सीमावर्ती इलाकों का दौरा करने के लिए बहुदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल भेजे।

उन्होंने कहा कि इस तरह के दौरों से लोकतांत्रिक निगरानी मज़बूत होगी और निर्वाचित जन प्रतिनिधि जमीनी हालात का सीधे जायजा ले सकेंगे तथा सीमावर्ती समुदायों, सुरक्षा कर्मियों और स्थानीय अधिकारियों से बातचीत कर सकेंगे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुश्किल सीमावर्ती इलाकों में तैनात सैनिकों के लिए बिना रुकावट आपूर्ति, उपकरण, संचार सुविधाएं, रहने की जगह, मेडिकल सहायता और पर्याप्त संख्या में जवानों की व्यवस्था करने की भी मांग की।

सिराम ने ‘अरुणाचल रेजीमेंट’ बनाने की भी वकालत करते हुए कहा कि उसमें राज्य के स्थानीय आदिवासी युवाओं की बड़ी संख्या में भर्ती की जाए।

उन्होंने कहा, ‘‘टक्सिंग के लोग भारत के किनारे पर नहीं रह रहे हैं। वे भारत की अग्रिम पंक्ति (फ्रंटलाइन) पर रह रहे हैं। अगर देश उनसे सीमा पर डटे रहने की उम्मीद करता है, तो उसे भी उनके साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए।’’

भाषा राजकुमार रंजन

रंजन


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