खरगे के सभा स्थल का ‘शुद्धीकरण’ अपराध, प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दें प्रधानमंत्री: राहुल गांधी

खरगे के सभा स्थल का ‘शुद्धीकरण’ अपराध, प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दें प्रधानमंत्री: राहुल गांधी

खरगे के सभा स्थल का ‘शुद्धीकरण’ अपराध, प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दें प्रधानमंत्री: राहुल गांधी
Modified Date: August 29, 2026 / 03:18 pm IST
Published Date: August 29, 2026 3:18 pm IST

नयी दिल्ली, 29 अगस्त (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के सभा स्थल के कथित शुद्धीकरण को लेकर शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधा तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की।

गांधी ने संवाददाताओं से कहा कि यह घटना एक अपराध है तथा कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि ‘‘शुद्धीकरण’’ में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो।

उन्होंने कहा, ‘‘देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है, एक संविधान की विचारधारा और दूसरी भाजपा-आरएसएस की विचारधारा।’’

कांग्रेस नेता ने कहा कि संविधान लागू होने के बावजूद देश में दलितों के खिलाफ भेदभाव और हिंसा जारी है तथा इस तरह के कृत्य कानूनन अपराध हैं।

उन्होंने दावा किया कि देश के कई स्कूलों में दलित बच्चों से शौचालय साफ कराया जाता है और झाड़ू लगवाई जाती है।

गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि दलितों को कुओं से पानी लेने से रोका जाता है तथा चाय की दुकानों पर उनके साथ भेदभाव किया जाता है।

उन्होंने कहा कि बारात में घोड़े पर चढ़ने जैसे मामलों को लेकर भी दलितों को कथित तौर पर मारा-पीटा और धमकाया जाता है।

गांधी ने आरोप लगाया कि ऐसे कृत्यों में भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोग शामिल हैं और ये संविधान तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के खिलाफ हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘शुद्धीकरण को 20 दिन हो गए हैं और अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हमारी मांग है कि उत्तराखंड में शुद्धीकरण करने वाले लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए।’’

गांधी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी आदेश दें कि शुद्धीकरण करने वाले लोगों के खिलाफ एससी/एसटी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए।’’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि वह हर जाति के हैं, लेकिन उत्तराखंड में भाजपा के प्रदेश नेतृत्व की ओर से कथित तौर पर ‘‘शुद्धीकरण’’ को सही ठहराया जा रहा है।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘यह सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह हिंदुस्तान के हर दलित व्यक्ति से जुड़ा मुद्दा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ खुलेआम, बिना झिझक के ऐसा व्यवहार किया जा सकता है तो सोचिए… स्कूल में बच्चे के साथ क्या हो रहा होगा?’’

गांधी ने कहा कि दलितों के साथ इस तरह के व्यवहार के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी लड़ाई भाजपा-आरएसएस की उस विचारधारा के खिलाफ है, जो भेदभाव और असमानता को बढ़ावा देती है।’’

इस विषय को लेकर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘ताज्जुब नहीं होगा कि उत्तराखंड में भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार में जिन लोगों ने कांग्रेस अध्यक्ष खरगे जी के प्रति ऐसी दलित-विरोधी नफरत दिखाई है, उन्हें भाजपा सरकार सम्मानित करे या किसी न किसी तरह पुरस्कृत करे। ऐसी हिम्मत तभी आती है, जब ऊपर से शह मिलती है। वरना क्या वजह है कि भाजपा शासित राज्यों में ऐसी घटनाओं की बार-बार पुनरावृत्ति होती है?’’

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-आरएसएस की विचारधारा के मूल में ही दलितों के प्रति नफरत है और वे कितना भी मुखौटा पहन लें, यह सोच बार-बार सामने आ ही जाती है।

रमेश ने कहा, ‘‘बाबा साहब के संविधान ने वंचित-दलित समाज को इतनी ताकत दी कि उस समाज से आने वाला व्यक्ति देश की राजनीति में इतने ऊंचे स्थान तक पहुंच सका। लेकिन संविधान-विरोधी सोच रखने वालों को यही बराबरी कभी स्वीकार नहीं हो सकी।’’

रमेश ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के मुंह से देश के इतने वरिष्ठ दलित नेता के सम्मान पर हुए इस हमले के खिलाफ एक शब्द निकलने की उम्मीद करना तो दूर की बात है। उलटे, ऐसी नफरत और छुआछूत फैलाने वाले लोग अक्सर उन्हीं से प्रेरणा और हौसला पाते हैं।”

भाषा हक नेत्रपाल

नेत्रपाल


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