बीआरएस नेता रामा राव ‘फॉर्मूला ई’ प्रतिस्पर्धा मामले में अदालत में पेश हुए
बीआरएस नेता रामा राव ‘फॉर्मूला ई’ प्रतिस्पर्धा मामले में अदालत में पेश हुए
हैदराबाद, 31 जुलाई (भाषा) ‘फॉर्मूला ई रेस’ मामले में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव और अन्य आरोपी शुक्रवार को यहां की एक अदालत में पेश हुए, जिसने मामले की सुनवाई 25 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी।
राव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अरविंद कुमार समेत अन्य आरोपी एसीबी (भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो) अदालत के निर्देशानुसार इसके समक्ष पेश हुए।
इस साल मार्च में, इस मामले में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद, राव पहली बार अदालत में पेश हुए और उन्होंने एक लाख रुपये का निजी मुचलका जमा किया।
राव की ओर से मामले में पैरवी कर रहे वकील लक्ष्मण जक्कुआ ने ‘पीटीआई वीडियो’ को बताया कि मुकदमे की सुनवाई अभी शुरू नहीं हुई है।
तेलंगाना भ्रष्टाचार-रोधी ब्यूरो ने मार्च में ‘फॉर्मूला ई’ प्रतिस्पर्धा मामले में आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसमें राव मुख्य आरोपी के तौर पर नामजद किये गए हैं।
आरोपपत्र में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी अरविंद कुमार, हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण के पूर्व मुख्य अभियंता बी.एल.एन. रेड्डी और दो अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं।
यह जांच 2024 में आयोजित किये जाने के वास्ते प्रस्तावित ‘फॉर्मूला ई’ प्रतिस्पर्धा के लिए पूर्ववर्ती बीआरएस सरकार के दौरान तय प्रक्रियाओं का उल्लंघन कर किये गए लगभग 55 करोड़ रुपये के भुगतान (जिसमें से ज़्यादातर विदेशी मुद्रा में था) में कथित अनियमितताओं से संबंधित है।
हालांकि, पहली प्रतिस्पर्धा फरवरी 2023 में हैदराबाद में हुई थी, लेकिन 2024 के लिए निर्धारित दूसरा संस्करण दिसंबर 2023 में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद रद्द कर दिया गया।
एसीबी ने दिसंबर 2024 में राव, कुमार और रेड्डी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया था। इसमें धन की हेराफेरी, विश्वासघात और साजिश रचने जैसे आरोप शामिल हैं।
तत्कालीन राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने पिछले साल नवंबर में राव पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी, जबकि केंद्र ने कुमार के मामले में इसकी अनुमति दी।
राव ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा, ‘‘रेस (प्रतिस्पर्धा) के आयोजकों को धन हस्तांतरित करने का फैसला हैदराबाद की छवि को बेहतर बनाने के लिए लिया गया था और इसमें कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ।
उन्होंने दावा किया था कि सरकार द्वारा भेजा गया पैसा आयोजकों के पास है और कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है।
भाषा सुभाष दिलीप
दिलीप

Facebook


