बीएसएफ की महिला टीम ने एवरेस्ट फतह किया, चोटी पर पहुंचकर ‘वंदे मातरम्’ गाया

बीएसएफ की महिला टीम ने एवरेस्ट फतह किया, चोटी पर पहुंचकर ‘वंदे मातरम्’ गाया

Modified Date: May 22, 2026 / 12:18 pm IST
Published Date: May 22, 2026 12:18 pm IST

नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की महिला पर्वतारोही टीम ने बृहस्पतिवार को माउंट एवरेस्ट फतह कर रिकॉर्ड बनाया और दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर ‘वंदे मातरम्’ गीत गाया। बल के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।

माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली टीम में लद्दाख की कांस्टेबल कौसर फातिमा, पश्चिम बंगाल की मुनमुन घोष, उत्तराखंड की राबेका सिंह और कारगिल की त्सेरिंग चोरोल शामिल थीं।

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के प्रवक्ता ने बताया कि महिलाओं ने माउंट एवरेस्ट की चोटी पर भारतीय समयानुसार (आईएसटी) बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे सफलतापूर्वक पहुंचकर यह उपलब्धि हासिल की।

प्रवक्ता ने बताया कि पर्वतारोहियों ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ गाया जो पूरे राष्ट्र के लिए गौरव का क्षण है।

बीएसएफ द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘यह पर्वतारोहण अभियान ‘वंदे मातरम्’ की अमर विरासत को भी नमन है। यह गीत भारतीयों की कई पीढ़ियों को देश की सेवा के लिए प्रेरित करता रहा है।’’

बीएसएफ के महानिदेशक (डीजी) प्रवीण कुमार ने रेडियो संपर्क के जरिये महिला कर्मियों से बात कर उन्हें बधाई दी।

पर्वतारोहियों को उनके पहले पर्वतारोहण अभियान के लिए छह अप्रैल को दिल्ली से रवाना किया गया था।

माउंट एवरेस्ट की 8,848.86 मीटर ऊंची चोटी पर बीएसएफ की पहली महिला टीम का पहुंचना और राष्ट्रगीत गाना- ये दोनों घटनाएं विशेष महत्व रखती हैं। बीएसएफ के हीरक जयंती वर्ष और 2026 में ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में इनकी योजना बनाई गई थी।

लगभग 2.7 लाख कर्मियों वाले बीएसएफ की स्थापना 1965 में की गई थी। इसका मुख्य कार्य पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी भारत की सीमाओं की रक्षा करना है। इसके अलावा यह देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कार्य भी करता है।

भाषा

सिम्मी मनीषा

मनीषा


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