जम्मू कश्मीर विधानसभा का बजट सत्र शुरू, उपराज्यपाल ने इसे भविष्य की कार्ययोजना के लिए अहम बताया

जम्मू कश्मीर विधानसभा का बजट सत्र शुरू, उपराज्यपाल ने इसे भविष्य की कार्ययोजना के लिए अहम बताया

जम्मू कश्मीर विधानसभा का बजट सत्र शुरू, उपराज्यपाल ने इसे भविष्य की कार्ययोजना के लिए अहम बताया
Modified Date: February 2, 2026 / 12:33 pm IST
Published Date: February 2, 2026 12:33 pm IST

(तस्वीरों सहित)

जम्मू, दो फरवरी (भाषा) जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को कहा कि विधानसभा का बजट सत्र विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह सामूहिक यात्रा पर विचार करने और उपलब्धियों की समीक्षा करने का अवसर प्रदान करता है।

विधानसभा का 27 दिवसीय सत्र सिन्हा के संबोधन के साथ शुरू हुआ।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला छह फरवरी को सदन में केंद्र शासित प्रदेश का बजट पेश करेंगे। अब्दुल्ला के पास वित्त मंत्रालय का भी प्रभार है।

उपराज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘यह सत्र विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह हमारी सामूहिक यात्रा पर विचार करने, अपनी उपलब्धियों की समीक्षा करने और भविष्य के लिए स्पष्ट रूपरेखा तय करने का अवसर देता है। यह जम्मू कश्मीर के लोगों की आकांक्षाएं पूरी करने की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।’’

विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राठेर ने सभी सदस्यों से जनता के हित में सदन के सुचारू संचालन में सहयोग करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि सत्र के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सुचारू संचालन एवं समय के प्रभावी उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

कांग्रेस के विधायक तारिक हमीद कर्रा ने कहा कि यह सत्र आमजन के मुद्दों को उठाने का अवसर देता है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक विक्रम रंधावा ने कहा कि यह बजट और चुनावी वादों के क्रियान्वयन को लेकर सरकार से जवाब मांगने का अवसर है।

यह 16 अक्टूबर, 2024 को सरकार बनने के बाद उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार का दूसरा बजट होगा।

बजट सत्र चार अप्रैल को समाप्त होगा और इसे तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला चरण रमजान शुरू होने से पहले और बाकी दो चरण मार्च और अप्रैल में ईद-उल-फितर के बाद होंगे।

चांद दिखने के आधार पर रमजान के 18 या 19 फरवरी से शुरू होने की उम्मीद है।

फरवरी में 18 कार्यदिवस होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री छह फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट और 2025-26 के लिए अतिरिक्त व्यय विवरणी पेश करेंगे। मार्च और अप्रैल में क्रमशः पांच और चार कार्यदिवस होंगे।

भाजपा, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और कांग्रेस सहित विपक्षी दल सरकार से चुनावी वादों और पिछले वर्ष बजट में किए गए वादों के क्रियान्वयन पर सवाल उठाने की तैयारी में हैं।

अधिकारियों ने कहा कि सत्र में तीखी बहस की संभावना है। विपक्षी दल दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई और कथित भेदभाव सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहे हैं।

भाषा सिम्मी शोभना

शोभना


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