School Timing Change Notification: रमजान के दौरान सिर्फ 12:45 बजे तक ही लगेंगे स्कूल, प्रशासन ने जारी किया आदेश, सियासी गलियारों में बवाल

School Timing Change in Karnataka: कर्नाटक के मंत्री संतोष लाड ने कहा, "उनके पास बात करने के लिए और भी बड़े मुद्दे हैं। उन्हें ईरान पर बोलना चाहिए। वे सिर्फ उर्दू, बांग्लादेश, पाकिस्तान, मुसलमानों के बारे में बात करना चाहते हैं। वे बांग्लादेश को 50 रुपये प्रति लीटर का पेट्रोल क्यों दे रहे हैं? अब तुष्टीकरण कौन कर रहा है?"

School Timing Change Notification: रमजान के दौरान सिर्फ 12:45 बजे तक ही लगेंगे स्कूल, प्रशासन ने जारी किया आदेश, सियासी गलियारों में बवाल

School Timing Change in Karnataka || Image- The Quint file

Modified Date: February 2, 2026 / 01:59 pm IST
Published Date: February 2, 2026 1:53 pm IST

बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने रमजान के महीने के दौरान उर्दू माध्यम के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के समय में बड़ा बदलाव किया है। (School Timing Change Notification) राज्य के उर्दू और अन्य अल्पसंख्यक भाषा विद्यालयों के निदेशालय के निर्देशानुसार, अब विद्यालय सुबह 8 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक ही लगाए जायेंगे। यह नया टाइमिंग रमजान की शुरुआत से लेकर 20 मार्च तक लागू रहेगा।

भाजपा ने कहा, ये “तुष्टीकरण की राजनीति”

वही इस आदेश के सामने आने के बाद मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कांग्रेस पर “तुष्टीकरण की राजनीति” का आरोप लगाया है। पार्टी ने सवाल उठाया है कि क्या वह किसी भी हिंदू त्योहार के लिए ऐसा ही कदम उठाएगी?

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता चालवाड़ी नारायणस्वामी ने कहा, “यह उनकी तुष्टीकरण की राजनीति को दर्शाता है। कांग्रेस पार्टी हमेशा हिंदू धर्म के खिलाफ जाती है। यहां तक ​​कि सिद्धारमैया भी हिंदू होते हुए यही कर रहे हैं। (School Timing Change Notification) अगर आप रमजान पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, तो हिंदुओं पर क्यों नहीं? कर्नाटक की जनता को लगेगा कि यह सरकार सिर्फ मुसलमानों के लिए, वोट हासिल करने के लिए बनाई गई है।”

इसी भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पूछा, “अब हम देख रहे हैं कि कर्नाटक में रमज़ान के दौरान स्कूलों का समय बदला जा रहा है। लेकिन क्या आपने ( कर्नाटक सरकार ने) किसी हिंदू त्योहार के दौरान ऐसी कोई छूट दी है? आप कह रहे हैं कि शिक्षक और कर्मचारी रमज़ान में जल्दी जा सकते हैं , लेकिन क्या आप नवरात्रि में भी इसकी अनुमति देंगे? कांग्रेस हमेशा अपने वोट बैंक को पहले रखती है। संविधान के अनुसार निष्पक्ष और समान रूप से काम करने की उनमें दूरदर्शिता नहीं है। कर्नाटक में यह बार-बार देखने को मिला है।”

इस पूरे मामले पर विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा, “कर्नाटक तेज़ी से ऐसी राजनीति का केंद्र बनता जा रहा है जिसे चरमपंथी तुष्टीकरण की राजनीति कहा जा सकता है। राज्य सरकार धार्मिक आधार पर तुष्टीकरण में गहराई से शामिल दिखती है और इसमें इतनी अंधी हो गई है कि वह धार्मिक आधार पर बच्चों को भी प्रभावित करने पर तुली हुई लगती है।”

भाजपा लोगों से ‘समान व्यवहार’ के खिलाफ

कांग्रेस नेताओं ने भाजपा के विरोध का जोरदार विरोध किया। कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों के साथ समान व्यवहार किए जाने के खिलाफ है। उन्होंने कहा, “इन लोगों को हजारों वर्षों से उपेक्षित किया गया है। (School Timing Change Notification) क्या आप नहीं चाहते कि वे समानता प्राप्त करें? यदि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाता है, तो इसका मतलब है कि वे लोगों के साथ समान व्यवहार किए जाने के खिलाफ हैं।”

इसी तरह कर्नाटक के मंत्री संतोष लाड ने कहा, “उनके पास बात करने के लिए और भी बड़े मुद्दे हैं। उन्हें ईरान पर बोलना चाहिए। वे सिर्फ उर्दू, बांग्लादेश, पाकिस्तान, मुसलमानों के बारे में बात करना चाहते हैं। वे बांग्लादेश को 50 रुपये प्रति लीटर का पेट्रोल क्यों दे रहे हैं? अब तुष्टीकरण कौन कर रहा है?”

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