अयोध्या, 19 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बृहस्पतिवार को कहा कि एक मजबूत और सक्षम राष्ट्र का निर्माण केवल नीतियों पर निर्भर नहीं करता बल्कि उसके नागरिकों के चरित्र पर भी आधारित होता है।
राज्यपाल ने अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना प्रत्येक नागरिक के भीतर समाहित हो जाती है, तब एक विकसित और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध भारत का निर्माण संभव होता है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या आस्था, समर्पण और सनातन संस्कृति के प्रवाह का एक जीवंत प्रतीक बनकर उभरी है।
आनंदीबेन ने कहा कि यह वह भूमि है, जहां आस्था इतिहास का रूप लेती है, समर्पण मूल्यों में परिवर्तित होता है और भक्ति राष्ट्रीय चेतना का हिस्सा बन जाती है। राज्यपाल ने लोगों से आस्था को सेवा में, सेवा को समर्पण में और समर्पण को राष्ट्र निर्माण में रूपांतरित करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार का सामूहिक संकल्प भारत को समृद्ध और आध्यात्मिक रूप से सशक्त राष्ट्र बनाने में सहायक होगा।
आनंदीबेन पटेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘देव से देश’ के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि अयोध्या आस्था, श्रद्धा और सनातन संस्कृति की अनंत धारा का प्रतीक है तथा यहां का प्रत्येक कण मर्यादा, धर्म और आदर्शों की भावना से ओतप्रोत है।
उन्होंने कहा कि श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक अवसर की साक्षी बनना उनके जीवन का अविस्मरणीय क्षण रहा है और यह अनुभव शब्दों से परे था तथा उसे केवल स्मृतियों में ही संजोया जा सकता है।
राज्यपाल ने कहा कि भारत अपनी विरासत से प्रेरणा लेकर विकास के पथ पर अग्रसर है और आस्था को आधुनिकता से जोड़ते हुए संस्कृति को प्रगति का आधार बना रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ और ‘सत्यमेव जयते’ जैसे मूल्यों के माध्यम से विश्व को एकता व सत्य का संदेश देती रही है।
भाषा राजेंद्र जितेंद्र
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