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नई दिल्ली :West Bengal Election 2026 पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए बीजेपी ने अपना सबसे बड़ा पत्ता खोल दिया है। विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी एक नहीं, बल्कि दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं—नंदीग्राम और खुद मुख्यमंत्री का गढ़ भवानीपुर। सुवेंदु ने हुंकार भर दी है कि ‘दीदी’ फिर हारेंगी, लेकिन दूसरी तरफ टीएमसी ने चुनाव आयोग पर ही मोर्चा खोल दिया है। आयोग के 50 से ज्यादा बड़े अफसरों के तबादले को टीएमसी ने ‘लोकतंत्र पर हमला’ करार दिया है, वहीं टिकट बंटवारे पर TMC कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है।
भवानीपुर में बीजेपी के दिग्गज नेता सुवेंदु अधिकारी ने अपना चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। सुवेंदु का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है। Suvendu Adhikari Bhawanipur उनका दावा है कि जिस तरह उन्होंने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को मात दी थी, वही कहानी अब भवानीपुर में लिखी जाएगी। लेकिन चुनावी बिसात पर सिर्फ नेता नहीं, बल्कि संस्थान भी आमने-सामने हैं।
चुनाव आयोग ने अधिसूचना से पहले ही बंगाल के प्रशासन की चूलें हिला दी हैं। मुख्य सचिव से लेकर DGP तक, 50 से ज्यादा अधिकारियों को हटा दिया गया है। टीएमसी इसे प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि बीजेपी की ‘पॉलिटिकल फिक्सिंग’ बता रही है। सांसद कीर्ति आजाद ने तो सीधे तौर पर आयोग को बीजेपी की ‘शाखा’ बता दिया है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच बंगाल में 2026 का चुनाव सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि साख की लड़ाई बन गया है। भवानीपुर में होने वाला यह ‘फेस-ऑफ’ तय करेगा कि बंगाल की राजनीति का ‘रॉबिनहुड’ कौन है और ‘दीदी’ का किला इस बार बचेगा या ढहेगा।